असंतुष्ट पत्रकार संगठनों ने लीपापोती बताते हुए निघासन कोतवाल और सीओ के फौरन निलंबन पर दिया जोर

सत्य पथिक वेबपोर्टल/लखीमपुर खीरी/Journalist Torcher Case: कल 15 अगस्त सोमवार को जब पूरा देश भारत की आजादी का जश्न मना रहा था तो कोतवाल के इशारे पर एक निर्भीक पत्रकार को मामूली विवाद में निघासन थाने में लाकर रात भर बर्बर यातनाएं दी जाती रहीं। अति अमानवीय और स्तब्धकारी इस घटना को लेकर खीरी जिले समेत प्रदेश और देश भर के पत्रकारों में जबर्दस्त उबाल है। दर्जनों पत्रकारों ने खीरी पुलिस ऑफिस में निघासन थाने में एसपी को ज्ञापन देकर मात्र तीन सिपाहियों के निलंबन को नाकाफी बताते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सरकार को शर्मसार करने वाले दोषी कोतवाल और सीओ निघासन के अविलंब निलंबन की मांग की है।

बताया गया है कि पति-पत्नी के मामूली विवाद में निघासन कोतवाल जितेंद्र कुमार सिंह ने निघासन के पत्रकार विकास दीक्षित अटल को कल 15 अगस्त को एक पारिवारिक विवाद में पकड़वा लिया और थाने में लाकर रात भर थर्ड डिग्री यानी अमानवीय शारीरिक यातनाएं दी गईं। विकास दीक्षित अटल बरेली-लखनऊ से प्रकाशित होने वाले अमृत विचार दैनिक समाचारपत्र के निघासन तहसील प्रभारी हैं। बताया गया है कि पत्नी से चल रहे जिस केस में पत्रकार अटल को थाने लाकर रात भर अमानवीय ढंग से पिटाई की गई, उसमें शिकायतकर्ता पत्नी द्वारा लिखित समझौता भी किया जा चुका है लेकिन पिछले कुछ दिनों से अटल द्वारा पुलिस के खिलाफ लगातार छापी जा रही जनपक्षधरता वाली तमाम खबरों से चिढ़कर ही खुन्नस में निघासन कोतवाल ने उन्हें डराने-धमकाने के ही इरादे से यह अमानवीय कार्रवाई की है।

अधिकार सेना पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अमिताभ ठाकुर ने ग्राम लुधौरी, थाना निघासन, लखीमपुर खीरी के पत्रकार विकास दीक्षित अटल को कल 15 अगस्त को एक पारिवारिक विवाद में थाना निघासन पकड़ कर ले जाने के बाद दिए गये थर्ड डिग्री मामले में कोतवाल के विरुद्ध तत्काल कार्यवाही की मांग की है।

डीजीपी यूपी, एडीजी ज़ोन लखनऊ तथा एसपी लखीमपुर खीरी को भेजे अपने पत्र तथा ट्वीट में उन्होंने कहा कि विकास दीक्षित अटल के शारीर पर आये चोट इस बात का स्पष्ट प्रमाण हैं कि उनकी थाने में अत्यंत अमानवीय ढंग से पिटाई की गई है। इससे भी गंभीर बात यह है कि अभी तक इस मामले में कोई भी कार्यवाही नहीं की गई है। अधिकार सेना की राष्ट्रीय प्रवक्ता डाॅ. नूतन ठाकुर ने प्रेस रिलीज जारी कर बताया कि अमिताभ ठाकुर ने दोषी पुलिसवालों पर तत्काल एफआईआर दर्ज कराकर उनके निलंबन की मांग की है।

धौरहरा-खीरी। निघासन में पत्रकार की बर्बरता से पिटाई के मामले में आक्रोशित धौरहरा के पत्रकारों ने मंगलवार को राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन तहसीलदार धौरहरा को सौंपकर कार्यवाही की मांग की है। ज्ञापन देने वालों में प्रेम जायसवाल और अन्य अनेक पत्रकार शामिल रहे।

इस प्रकरण में पुलिस अधीक्षक खीरी ने पत्रकारों के विरोध प्रदर्शन के बाद बैकफुट पर आते हुए निघासन थाने के तीन कथित आरोपी सिपाहियों दिलदार खान, अभिषेक कुमार, हिमांशु गौतम को तत्काल प्रभाव से निलंबित भी कर दिया है। साथ ही इस पूरे प्रकरण की जांच कराकर न्यायोचित कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आश्वासन भी दिया है लेकिन असंतुष्ट पत्रकारों ने इसे लीपापोती बताते हुए कोतवाल के विरुद्ध पत्रकार के उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराकर निलंबित करने और इस बड़ी लापरवाही-निरंकुशता पर उच्च स्तरीय-निष्पक्ष जांच कराकर सीओ निघासन के भी निलंबन की मांग की गई है। संकेत मिल रहे हैं कि इस प्रकरण में आरोपी कोतवाल जितेंद्र कुमार सिंह पर भी निलंबन की गाज गिर सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!