सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली/purchaging of 300 Logistic vehicles: बाॅर्डर पर चीन से तनातनी के बीच भारतीय सेना ने 300 स्वदेशी लॉजिस्टिक रफ टेरेन व्हीकल्स खरीदने की योजना बनाई है। इन वाहनों का इस्तेमाल भारी सैन्य सामग्री ढोने और मध्यम से अत्यधिक ऊंचाई वाले क्षेत्रों में हताहत सैनिकों की सुरक्षित निकासी के लिए होगा। सैन्य मामलों के जानकार अधिकारियों ने बताया कि इन वाहनों को खरीदने के लिए आपातकालीन खरीद के तहत फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया लागू की जाएगी।

एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी ने यह जानकारी दी है। बताया- सेना इन वाहनों को खरीदने के लिए इमरजेंसी खरीद के तहत फास्ट-ट्रैक प्रक्रिया लागू करेगी।लद्दाख में वास्तविक नियंत्रण रेखा (LAC) पर चीनी सेना के साथ जारी गतिरोध और पूर्वी सेक्टर में बढ़ते तनाव को देखते हुए यह महत्त्वपूर्ण फैसला लिया गया है।
इस अधिकारी ने साफ किया कि ये वाहन हेलीकॉप्टरों से ले जाने योग्य और 16,000 फीट की ऊंचाई पर संचालन योग्य होने चाहिए ताकि बर्फ से ढके ऊबड़-खाबड़ इलाके में इन्हें आसानी से चलाया जा सके। सेना की योजना इन वाहनों को माइनस 20 डिग्री से लेकर प्लस 45 डिग्री तापमान वाले इलाकों में चलाने की है। इन वाहनों की इंजन शक्ति और ऑपरेटिंग रेंज क्रमशः 30 एचपी और 100 किलोमीटर से कम नहीं होनी चाहिए। अधिकारियों ने कहा कि इन वाहनों को लद्दाख और पूर्वी क्षेत्र में भी तैनात किए जाने की उम्मीद है।

आक्रामकता बढ़ाने को क्षमता में इजाफा कर रही सेना
भारतीय सेना चीन के साथ सीमा पर तनाव को ध्यान में रखकर विभिन्न प्रकार के हथियारों और प्रणालियों के साथ अपनी क्षमता को बढ़ा रही है। इनमें आर्टिलरी गन, स्वार्म ड्रोन सिस्टम, लंबी दूरी के रॉकेट, दूर से संचालित हवाई प्रणाली जैसे हथियार शामिल हैं, जो दुश्मन के इलाके में आक्रामक मिशन को अंजाम दे सकते हैं। सेना ने कहा कि नए लॉजिस्टिक रफ टेरेन व्हीकल्स में रोलओवर प्रोटेक्शन सिस्टम होना चाहिए और सर्विस लाइफ कम से कम नौ साल या 80,000 किमी होनी चाहिए। इन वाहनों की आपूर्ति अनुबंध पर हस्ताक्षर के 12 महीनों के भीतर करनी होगी।
2020 से जारी है भारत-चीन के बीच गतिरोध
पूर्वी लद्दाख में भारत और चीन के बीच मई 2020 से गतिरोध जारी है. गतिरोध को कम करने के लिए दोनों देशों की सेनाओं के बीच कई दौर की कमांडर स्तर की वार्ता हो चुकी है मगर इस बातचीत का कोई सार्थक समाधान नहीं निकल पाया है। हालांकि हाल ही में भारत और चीन के बीच 17वें दौर की वार्ता में दोनों देशों ने कुछ मुद्दों पर सहमति जरूर जताई है।

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