सत्य पथिक वेबपोर्टल/बरेली/fugitive dacoit arrested: 18 साल से फरार चल रहे डेढ़ लाख रुपये के इनामी डकैत कमर अली को मंगलवार को बरेली एसटीएफ (Bareilly STF) ने डोहरा रोड शिव मंदिर के पास से गिरफ्तार कर लिया। फरारी के दौरान उसने लखनऊ, दिल्ली मुंबई को ठिकाना बनाया था।

आरोपित कमर अली रामपुर सदर कोतवाली के मियांजान गप्पी गली का रहने वाला है। एसटीएफ बरेली यूनिट प्रभारी अजय पाल सिंह ने बताया कि कमर अली की तलाश में टीम लंबे समय से जुटी हुई थी। इसी बीच आरोपित के डोहरा रोड शिव मंदिर के पास होने की जानकारी मिलने पर उसे धर दबोचा गया। पुलिस के मुताबिक, आरोपित कमर अली ने 18 साल पहले वर्ष 2004 में कई अन्य साथी बदमाशों संग मिलकर बरेली जिले के बारादरी, आंवला थाना क्षेत्रों में डकैती की वारदातों को अंजाम दिया था। इस मामले में कई अभियुक्तों को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। कुछ ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया जबकि कमर अली फरार हो गया था।

पूछताछ में अभियुक्त कमर अली ने बताया कि फरारी के दौरान उसने दिल्ली, लखनऊ और मुंबई में समय बिताया। मंगलवार को किसी काम से बरेली पहुंचा था। तभी एसटीएफ ने उसे गिरफ्तार कर लिया और बारादरी पुलिस के सुपुर्द कर दिया। उसके पास से तमंचा, कारतूस व 770 रुपये बरामद किए गए हैं। बारादरी पुलिस आरोपित को जेल भेजेगी।

वर्ष 2000 में पड़ोसी की गोली मारकर कर दी थी हत्या

कमर अली ने वर्ष 2000 में पड़ोसी बच्छन व लाल की गोली मारकर हत्या कर दी थी। मामले में उसके साथ उसका भाई नन्हें, गुड्डू एवं भांजा जमीर भी नामजद हुआ। आरोपित गिरफ्तार होकर जेल चले गए। कुछ दिनों बाद सबकी जमानत हो गई। जमानत पर छूटने के बाद कमर अली अपने भाई सलीम व साथी मोहम्मद अफसर उर्फ नन्हें निवासी नीम वाली गली बारादरी, मतलूम निवासी आंवला, आसिफ, इदरीश और गुड्डू निवासी सेमलखेड़ा बारादरी के साथ मिलकर डकैती घटना को अंजाम देने लगे। वारदात में आरोपित जेवर व नगदी लूटते थे।

साल 1994 से है आपराधिक इतिहास, दर्ज हैं 28 मुकदमे

कमर अली का लंबा आपराधिक इतिहास है। साल 1994 में उस पर रामपुर के गंज थाने में आर्म्स एक्ट में पहला मुकदमा लिखा गया। इसके बाद एक के बाद एक उस पर हत्या, हत्या का प्रयास, लूट, डकैती जैसे जघन्य अपराधों में मुकदमे दर्ज हुए।दिल्ली, बरेली, रामपुर के कई थानों में कुल 28 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।

20 मई वर्ष 2004 को बारादरी में डाली थी डकैती

20 मई 2004 को कमर अली ने गिरोह संग सेमलखेड़ा में नबी अहमद के घर डकैती डाली थी। नबी और उसके घर वालों ने विरोध किया तो आरोपितों ने उसके बेटे सब्बीर अहमद उर्फ राजा पर फायर झोंक दिया जिसमे वह घायल हो गया। इसके बाद डकैत घर से जेवर व नकदी लूट ले गए।
बारादरी पुलिस ने घटना का खुलासा करते हुए छह आरोपितों मो. अफसार उर्फ नन्हें निवासी काजीटोला, कमर अली उर्फ कमर, सलीम उर्फ नन्हा, मतलूब निवासी कस्बा आंवला, आसिम व इदरीश खां उर्फ गुड्डू निवासी सेमलखेड़ा को गिरफ्तार किया था।

आईजी की पहल पर खुली फाइल

आईजी रेंज रमित शर्मा की पहल पर लंबे समय से फरार अपराधियों की तलाश शुरू हुई। पहला नाम आया कमर अली का। आईजी रमित शर्मा ने उस पर 50 हजार रुपये का और एडीजी राजकुमार ने एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। एसटीएफ उसकी तलाश में जुट गई और गिरफ्तार कर लिया।

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