सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली/Vice-President Election: मौजूदा उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू का कार्यकाल 11 अगस्त को समाप्त हो रहा है। 21 जुलाई को राष्ट्रपति का चुनाव होने के साथ ही उपराष्ट्रपति चुनाव (Vice-President Election) की प्रक्रिया भी शुरू हो जाएगी। भारत निर्वाचन आयोग अधिसूचना जारी कर चुका है। 6 अगस्त को वोटिंग है।

बीजेपी के पास हैं जीत के लिए पर्याप्त वोट 

उपराष्ट्रपति चुनाव में बीजेपी को अपने प्रत्याशी को जिताने के लिए पर्याप्त वोट हैं। जीत के लिए उसे किसी अन्य पार्टी के समर्थन की जरूरत नहीं पड़ेगी।

यह है भाजपा की जीत का नंबर गेम

उपराष्ट्रपति चुनाव में लोकसभा के 543 और राज्यसभा के 232 सदस्य वोट करते हैं। हाल ही में हुए राज्यसभा चुनाव में बीजेपी को हालांकि तीन सीटों का नुकसान हुआ है। अब राज्यसभा में उसके 92 सदस्य हैं। वहीं, निचले सदन लोकसभा में बीजेपी और NDA बहुमत में है। हाल ही में हुए उपचुनाव में आजमगढ़ और रामपुर दो सीटों पर जीत के बाद अब लोकसभा में 303 भाजपा सदस्य हो गए हैं जो जीत के लिए जरूरी वोटों से सात वोट ज्यादा हैं।

दरअसल, बीजेपी के लोकसभा और राज्यसभा सदस्यों की कुल संख्या 395 है जबकि उपराष्ट्रपति चुनाव में जीत के लिए केवल 388 वोट चाहिए। यानी बीजेपी के पास जरूरी वोट से 7 वोट ज्यादा हैं। लिहाजा 6 अगस्त को अगर मतदान की जरूरत पड़ी भी तो भाजपा अपने उप राष्ट्रपति प्रत्याशी को अपने बलबूते जीत दिलवाने में सक्षम है।

आनुपातिक प्रतिनिधि पद्धति से होती है वोटिंग
उप राष्ट्रपति पद के लिए मतदान आनुपातिक प्रतिनिधित्व पद्धति (proportional representation) से किया जाता है। इसे एकल हस्तांतरण मतदान पद्धति या single transferable voting system कहते हैं। इसमें मतदाता को वोट तो एक ही देना होता है मगर उसे अपनी पसंद के आधार पर प्राथमिकता तय करनी होती है। वह बैलेट पेपर पर मौजूद उम्मीदवारों में से अपनी पहली पसंद को 1, दूसरी पसंद को 2 और इसी तरह से आगे की प्राथमिकताएं देता है।

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