सत्य पथिक वेबपोर्टल/लंदन/British PM Boris Johnson resigns: 41 मंत्रियों की बगावत के बाद भारी दबाव में ब्रिटेन के प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन ने आख‍िरकार पद से इस्तीफा दे दिया है।

बोरिस जॉनसन पर पिछले कई दिनों से इस्तीफा देने के लिए दबाव बनाया जा रहा था। सत्तारूढ़ कंजर्वेटिव पार्टी के अधिकांश मंत्रियों ने भी उनका साथ छोड़ दिया था। आखिरकार 41 मंत्रियों के इस्तीफों के बाद आज उन्होंने पीएम की कुर्सी छोड़ने का फैसला कर लिया।

यह पूरा विवाद क्रिस पिंचर की नियुक्ति से जुड़ा हुआ है। इसी साल फरवरी में पीएम जॉनसन ने क्रिस पिंचर को कंजर्वेटिव पार्टी का डिप्टी चीफ व्हिप नियुक्त किया था।

‘द सन’ की रिपोर्ट आने के बाद क्रिस पिंचर ने डिप्टी चीफ व्हिप के पद से इस्तीफा दे दिया था। हालांकि, उनकी ही पार्टी के सांसदों का कहना था कि जॉनसन को उनके ऊपर लगे आरोपों की जानकारी थी, उसके बाद भी उन्हें नियुक्त किया गया। हालांकि, 1 जुलाई को सरकार के प्रवक्ता ने सफाई दी थी कि प्रधानमंत्री जॉनसन को इन आरोपों की जानकारी नहीं थी।

इसके बाद 4 जुलाई को फिर सरकारी प्रवक्ता ने कहा कि जॉनसन को पिंचर पर लगे आरोपों की जानकारी तो थी, लेकिन इसके लिए उनकी नियुक्ति नहीं करना सही नहीं समझा क्योंकि आरोप अभी तक साबित नहीं हुए हैं।
सबसे पहले 5 जुलाई को सरकार की कार्यशैली पर उंगली उठाते हुए वित्त मंत्री ऋषि सुनक ने इस्तीफा दे दिया था। बाद में स्वास्थ्य मंत्री साजिद जाविद और दो अन्य कैबिनेट मंत्रियों के पद छोड़ने के बाद तो इस्तीफों की झड़ी लग गई और कुल 41 मंत्री पद छोड़ गए।

पिछली बार बच गई थी कुर्सी

इससे पहले जून में भी ‘पार्टी गेट’ विवाद के बाद कंजर्वेटिव पार्टी के 50 से ज्यादा सांसदों ने बोरिस जॉनसन से इस्तीफे की मांग की थी। लेकिन पीएम बोरिस जॉनसन उस वक्त विश्वास मत जीतने में सफल हो गए थे। उन्हें 211 और विपक्ष को 148 वोट हासिल हुए थे।

क्या था ‘पार्टी गेट’ विवाद?
जून 2022 में आरोप लगा था कि पत्नी कैरी द्वारा बोरिस जॉनसन के 56वें बर्थडे पर कोरोना काल में लॉकडाउन के बावजूद डाउनिंग स्ट्रीट में 19 जून, 2020 को बर्थडे पार्टी आयोजित की थी। इस पार्टी में 30 लोगों ने शिरकत की थी। इस पूरे विवाद को ‘पार्टीगेट’ नाम दिया गया था।

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