गोपेश्वर-चमोली/देहरादून-उत्तराखंड/Glacier broken/सत्य पथिक न्यूज नेटवर्क: चमोली जिले की नीति मलारी घाटी में चीन सीमा के पास हिमखंड टूटने की सूचना है। क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। फिलहाल नुकसान के बारे में कुछ पता नहीं चल पाया है। जोशीमठ से सीमा सड़क संगठन (बीआरओ) की एक टीम मौके के लिए रवाना हो गई है। लगातार हो रही बारिश और बर्फबारी के कारण टीम को वहां तक पहुंचने में वक्त लग सकता है। इस इलाके में आबादी नहीं है और सिर्फ सेना की ही आवाजाही रहती है।

वहीं, नीति घाटी में ग्लेशियर टूटने की जानकारी मिलते ही मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत भी सक्रिय हो गए। मुख्यमंत्री के निर्देश पर अलर्ट जारी कर दिया गया है। मुख्यमंत्री खुद भी जिला प्रशासन और सीमा सड़क संगठन से लगातार संपर्क बनाए हुए हैं। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार देर रात खुद ट्वीट कर यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि जिला प्रशासन को हिमखंड टूटने की घटना की पूरी जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए हैं। एनटीपीसी और अन्य परियोजनाओं में रात के समय फौरन काम रोकने के आदेश भी दे दिए हैं, ताकि कोई अप्रिय घटना न हो।

गृह मंत्री अमित शाह ने भी दिया मदद का भरोसा
नीति घाटी में ग्लेशियर टूटने की जानकारी मिलने के बाद केंद्र सरकार भी सतर्क हो गई है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने राज्य सरकार को पूरी मदद उपलब्ध कराने का भरोसा दिया है। मुख्यमंत्री तीरथ सिंह रावत ने शुक्रवार देर रात्रि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह को घटना की जानकारी दी। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक गृह मंत्री ने इस घटना का तत्काल संज्ञान लिया और आइटीबीपी को सतर्क रहने के निर्देश दिए हैं । मुख्यमंत्री ने गृह मंत्री की तत्परता और संवेदनशीलता के लिए उनका आभार व्यक्त किया।

घटना जोशीमठ से करीब 90 किलोमीटर दूर सुमना नामक स्थान की है। सीमा पर अंतिम चौकी बाड़ाहोती तक यहीं से होकर पहुंचा जाता है। दूरस्थ क्षेत्र होने के कारण यहां संचार नेटवर्क भी नहीं है। चमोली के जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी नंदकिशोर जोशी ने बताया कि बीआरओ के कमांडर मनीष कपिल के नेतृत्व में टीम मौके के लिए गई है। उन्होंने बताया कि उस क्षेत्र में सड़क निर्माण का कार्य चल रहा है। ऐसे में आशंका है कि कुछ श्रमिक वहां फंसे हो सकते हैं। उन्होंने बताया कि क्षेत्र में एक सप्ताह से रुक-रुक कर बर्फबारी हो रही है, जबकि दो दिन से यहां लगातार बर्फ गिर रही है। ऐसे में समय लगाना स्वाभाविक है।

तपोवन में रोका गया मलबा हटाने का काम

पिछले दो दिन से चल रही बारिश और बर्फबारी से ऋषिगंगा और धौलीगंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। इससे तपोवन और रैणी के साथ छह गांवों के लोग सहमे हुए हैं। बारिश के दौरान तपोवन मे मलबा हटाने का कार्य रोका गया है। गौरतलब है कि सात फरवरी को ऋषिगंगा में आए उफान में 205 लोग लापता हो गए थे। इनमें से अब तक 79 शव मिल पाए हैं।

ऋषिकेश गंगा तट पर जारी हुआ अलर्ट

जनपद चमोली के सीमांत क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने की घटना के बाद ऋषिकेश गंगा तट पर रहने वाले तमाम व्यक्तियों को पुलिस की ओर से अलर्ट जारी किया गया है। चमोली के सीमांत क्षेत्र में ग्लेशियर टूटने की सूचना पर मुख्यमंत्री की ओर से जारी निर्देश के अनुपालन में ऋषिकेश क्षेत्र में पुलिस और आपदा प्रबंधन दल सक्रिय हो गया। कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक रितेश शाह ने बताया कि गंगा तट पर रहने वाले सभी निराश्रित व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर जाने के लिए कहा गया है।

इस मामले में त्रिवेणी घाट चौकी प्रभारी उत्तम रमोला, कुंभ चौकी प्रभारी नवीन नेगी के साथ जल पुलिस के जवान हरीश गुसाईं आदि ने देर रात त्रिवेणी घाट और आसपास क्षेत्र में खुले में सो रहे सभी व्यक्तियों को सुरक्षित स्थान पर जाने को कह दिया है। कुंभ थाना ऋषिकेश के निरीक्षक मुकेश चौहान ने बताया कि कुंभ पुलिस को भी इस मामले में सतर्कता बरतने के लिए कहा गया है।

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