नैरोबी-केन्या/New Deadly Virus- MERS/सत्य पथिक न्यूज नेटवर्क: केन्या में ऊंटों में कोविड-19 से ज्यादा खतरनाक, ज्यादा घातक और जानलेवा वायरस MERS (Middle East Respiratory Syndrome) के लक्षण दिखने पर वैज्ञानिकों को गहरी चिंता में डाल दिया है। नया वायरस COVID-19 का ही ‘भाई’ बताया जा रहा है।

वैज्ञानिकों को यह डर सता रहा है कि अगली वैश्विक महामारी का कारण यही वायरस बनेगा। दुनिया को इसके बेहद गंभीर परिणाम झेलने पड़ सकते हैं। यह वायरस उसी परिवार का हिस्सा है, जिसका कोविड-19 है। साधारण भाषा में कहें, तो उसका भाई है
मगर यह उससे ज्यादा खतरनाक और घातक है। आशंका जताई जा रही है कि मिडिल ईस्ट रेस्टपिरेटरी सिंड्रोम (MERS) जानवरों से इंसानों में फैलकर ज्यादा तबाही मचा सकता है।

केन्या के ऊंटों में दिखे लक्षण

केन्या के कापिती नेचुरल रिजर्व में ऊंटों में इस वायरस के लक्षण दिखे हैं। एएफपी की खबर के अनुसार, वैज्ञानिक जोखिम लेकर ऊंटों के सैंपल ले रहे हैं ताकि उनके RT-PCR टेस्ट कराए जा सकें। दक्षिण केन्या के नेचुरल रिजर्व के पशु विशेषज्ञ नेल्सन किपचिरचिर ने एएफपी से कहा, ‘सभी पशुओं के सैंपल जुटाना मुश्किल काम है। पशु आपको काट सकता है और लात भी मार सकता है।’


पहली बार सऊदी अरब में मिला था MERS वायरस

साल 2012 में पहली बार यह वायरस सऊदी अरब में ऊंटों में मिला था। WHO के मुताबिक, इस वायरस से संक्रमित 35 फीसदी रोगियों की मौतें हुई हैं। हालांकि अभी तक दुनिया भर में इस वायरस से 850 लोगों की मौत की बात ही सामने आई है। माना जाता है कि Covid-19 की तरह MERS भी चमगादड़ों से ही ऊंटों में फैला था।

कोरोना जैसे ही हैं लक्षण

इस वायरस के लक्षण भी कोरोना वायरस जैसे हैं। इस वायरस से संक्रमित व्यक्ति को भी बुखार, खांसी और सांस लेने में तकलीफ होती है। कोविड-19 से 30 लाख लोगों की मौतों के बाद नए वायरस को लेकर वैज्ञानिकों में चिंता बढ़ गई है। संयुक्त राष्ट्र के साइंस एडवाइजरी पैनल IPBES ने वर्ष 2020 में ही चेताया था कि महामारियों का खतरा अब ज्यादा बढ़ेगा। जलवायु परिवर्तन की वजह से अब ज्यादा लोग, पालतू पशु और जंगली जानवर इस वायरस से प्रभावित होंगे।

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