सत्य पथिक वेबपोर्टल/मुम्बई/faction in MVA: राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना के NDA उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को समर्थन के ऐलान पर सहयोगी कांग्रेस और एनसीपी भड़क गई हैं। महाराष्ट्र कांग्रेस के वरिष्ठ नेता बालासाहेब थोराट और एनसीपी प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने शिवसेना के रुख पर चिंता जताई है।

थोराट ने ट्वीट करके कहा है कि राष्ट्रपति चुनाव वैचारिक लड़ाई है। यह लोकतंत्र और संविधान रक्षा के लिए चल रहा संघर्ष है। महिला बनाम पुरुष या आदिवासी बनाम गैर-आदिवासियों का सवाल नहीं है। वे सभी जो संविधान और लोकतंत्र की रक्षा के पक्ष में हैं, यशवंत सिन्हा का समर्थन कर रहे हैं।

थोराट ने कहा कि शिवसेना एक अलग राजनीतिक पार्टी है, इसलिए वो अपने फैसले स्वतंत्र रूप से ले सकती है लेकिन वह महाविकास अघाड़ी का भी हिस्सा है। उन्होंने यह फैसला लेते समय हमसे कोई चर्चा नहीं की। महा विकास अघाड़ी के दूसरे सहयोगी दल एनसीपी के प्रदेश अध्यक्ष जयंत पाटिल ने कहा कि हर राष्ट्रपति चुनाव में शिवसेना ने मुर्मू को समर्थन की घोषणा की है लेकिन ये एनडीए का समर्थन नहीं है। गठबंधन सहयोगियों को इस मामले में हस्तक्षेप नहीं करना चाहिए। हालांकि यह फैसला लेने से पहले सहयोगी दलों से चर्चा जरूर की जानी चाहिए थी। कहा जा रहा है कि विधायकों के बाद अब शिवसेना सांसदों के भी उद्धव ठाकरे को छोड़कर जाने का खतरा है। इसीलिए गठबंधन के साथी एनसीपी और कांग्रेस के खिलाफ जाकर ठाकरे ने मजबूरी में यह फैसला लिया है।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!