तबादला प्रकरण में मंत्रियों की नाराजगी और विपक्ष की घेराबंदी पर तोड़ी सरकार की चुप्पी

सत्य पथिक वेबपोर्टल/लखनऊ/Transfer Scam: यूपी में तबादला घोटाले मंत्रियों की नाराजगी और मीडिया में बयानबाजी से सरकार की फजीहत के बीच damage control के लिए अब उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्या को आगे आना पड़ा है। पहली बार सरकार की चुप्पी को तोडते हुए उन्होंने ट्वीट कर नौकरशाहों को प्रोटोकॉल याद दिलाया।

डिप्टी सीएम मौर्य ने ट्वीट किया, “यूपी के हर अधिकारी-कर्मचारी को प्रोटोकॉल का पालन ही करना होगा। मंत्रीगणों के साथ ही जन प्रतिनिधियों की भी बातें सुनकर समाधान करें, कार्यकर्ताओं को सम्मान दें. जनता की ईमानदारी से सेवा करें; वरना कड़ी कार्रवाई तय है। सपा सुप्रीमो पर पलटवार करते हुए ट्वीट में लिखा-अखिलेश यादव जी, साजिशें करने-कराने की जगह सपा को समाप्त होने से बचाने पर ध्यान दें।”

भाजपा को ज्ञान ना दें वोट बैंक मानने वाले विपक्षी दल
डिप्टी सीएम मौर्य ने सख्त लहजे में ट्वीट में आगे लिखा है, “गरीबों, दलितों, पिछड़ों, वंचितों को सिर्फ वोट बैंक मानने वाले सपाई/बसपाई/कांग्रेसी भाजपा को ज्ञान नहीं दें। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी के मार्गदर्शन में सबका साथ, सबका विकास, सबको सम्मान, सबको स्थान देते हुए डबल इंजन सरकार विकास के पथ पर अग्रसर है जो आप बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हो।”

जितिन प्रसाद को हाईकमान ने नहीं दी तवज्जो

इसी बीच, खबरें आईं कि जितिन प्रसाद को भाजपा हाईकमान ने दिल्ली तलब कर लिया। वे बुधवार को दिल्ली पहुंचे भी। गृह मंत्री अमित शाह और दीगर आला नेताओं से उनके मुलाकात करने की अटकलें लगने लगीं। हालांकि, बुधवार देर शाम यह स्पष्ट हो गया कि जितिन प्रसाद की दिल्ली में किसी नेता से मुलाकात नहीं हो सकी है। काफी कोशिशों के बाद भी भाजपा के किसी भी बड़े नेता ने जितिन को मिलने के लिए टाइम ही नहीं दिया। लिहाजा वे नाराजगी या परेशानी की बात को नकारते और मोदी-योगी की भ्रष्टाचार पर जीरो टॉलरेंस पालिसी का गुणगान करते देखे गए। हालांकि इस पूरे प्रकरण में जितिन प्रसाद की खुद की कार्यशैली पर अब सवाल तो उठने ही लगे हैं।

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