सत्य पथिक वेबपोर्टल/मुम्बई/Ed raid on Sanjay Raut’s house: पात्रा चॉल घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने रविवार सुबह-सुबह शिवसेना प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य संजय राउत के घर छापा मारा। पिछले तीन घंटे से ईडी अधिकारी संजय राउत से उनके घर पर ही पूछताछ कर रहे हैं। इसी बीच संजय राउत ने अपने ट्विटर हैंडल पर लिखा है, “मेरा किसी घोटाले से कोई लेना-देना नहीं है। यह मैं शिवसेना प्रमुख बालासाहेब ठाकरे की शपथ लेकर कह रहा हूं। बालासाहेब ने हमें लड़ना सिखाया है। मैं शिवसेना के लिए लड़ना जारी रखूंगा।” उन्होंने ईडी की कार्रवाई को झूठी बताया है। कहा “झूठे सबूत हैं। मैं शिवसेना नहीं छोड़ूंगा। मैं मर भी जाऊं तो समर्पण नहीं करूंगा।”

जांच में सहयोग नहीं कर रहे राउत: ईडी
दरअसल, संजय राउत पर महाराष्ट्र के 1000 करोड़ से ज्यादा के बहुचर्चित पात्रा चॉल जमीन घोटाला मामले में लिप्त होने का गंभीर आरोप है। इसी सिलसिले में ईडी की टीम राउत से पूछताछ कर रही है। एक जुलाई को संजय राउत ईडी के सामने पेश भी हुए थे। ईडी ने 20 जुलाई और 27 जुलाई को उन्हें दोबारा पूछताछ के लिए बुलाया था। हालांकि, राउत ईडी के दफ्तर नहीं पहुंचे। ऐसे में उन पर जांच में सहयोग नहीं करने का आरोप है। माना जा रहा है कि ईडी की टीम राउत को हिरासत में लेकर पूछताछ कर सकती है।
 
क्या है पात्रा चॉल घोटाला? 
यह मामला मुंबई के गोरेगांव इलाके के पात्रा चॉल से जुड़ा है। यह महाराष्ट्र हाउसिंग एंड एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी का भूखंड है। इसमें करीब 1034 करोड़ रुपये का घोटाला होने का आरोप है। इस केस में संजय राउत की नौ करोड़ रुपये और राउत की पत्नी वर्षा की दो करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त भी हो चुकी है।

दूसरे बिल्डर्स को बेच दिए थे भूखंड के कुछ हिस्सेआरोप है कि रीयल एस्टेट कारोबारी प्रवीण राउत ने पात्रा चॉल में रह रहे लोगों से धोखा किया। एक कंस्ट्रक्शन कंपनी को इस भूखंड पर 3000 फ्लैट बनाने का काम मिला था। इनमें से 672 फ्लैट पहले से यहां रह रहे परिवारों को देने थे। बाकी फ्लैट एमएचएडीए और उक्त कंपनी को दिए जाने थे, लेकिन वर्ष 2011 में इस विशाल भूखंड के कुछ हिस्सों को ऊंचे दाम पर नियम विरुद्ध दूसरे बिल्डरों को बेच दिया गया था। 

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