सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली/ED sealed National Herald office: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नेशनल हेराल्ड भवन में स्थित यंग इंडिया के दफ्तर को सील कर दिया है। ईडी ने अनुमति के बिना परिसर को नहीं खोलने के निर्देश भी दिए हैं। इसके बाद से AICC मुख्यालय की सुरक्षा बढ़ा दी गई है।

ईडी सूत्रों के अनुसार नेशनल हेराल्ड एक फर्जी कंपनी है जिसका इस्तेमाल पैसे के लेन-देन में किया गया। नेशनल हेराल्ड केस में कांग्रेस के शीर्ष नेताओं पर नियमों के उल्लंघन का आरोप है। ईडी अधिकारियों ने बताया, पैसे के लेन-देन से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी जुटाने के लिए धन शोधन रोकथाम कानून की आपराधिक धाराओं में छापे की कार्रवाई हुई है। छापे मुख्य रूप से उन इकाइयों पर मारे गए हैं जो नेशनल हेराल्ड से जुड़े लेन-देन में शामिल रहे हैं। यह कार्रवाई इस मामले में हाल में कई लोगों से हुई पूछताछ से सामने आए नए सुबूतों के आधार पर की गई है। 

गौरतलब है कि ईडी ने नेशनल हेराल्ड मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हाल ही में कांग्रेस नेता राहुल गांधी और अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी से पूछताछ की थी। वरिष्ठ कांग्रेस नेता मल्लिकार्जुन खरगे और पवन बंसल से भी ईडी अप्रैल में पूछताछ कर चुकी है।

कांग्रेस बता रही बदले की राजनीति
कांग्रेस ने इन छापों को बदले की राजनीति बताया है। पार्टी महासचिव और संचार विभाग के प्रमुख जयराम रमेश ने कहा, बहादुर शाह जफर मार्ग स्थित हेराल्ड हाउस पर छापा देश की प्रमुख विपक्षी पार्टी के खिलाफ जारी हमले की ही एक और कड़ी है। मोदी सरकार के खिलाफ बोलने वालों के विरुद्ध बदले की राजनीति की हम सख्त निंदा करते हैं। आप हमें चुप नहीं करा सकते।

चेहरा बचाने के लिए डलवा रहे छापे: गहलोत
राजस्थान के सीएम अशोक गहलोत ने ईडी के छापों को चेहरा बचाने की कोशिश बताया है। पूछा, जब इस मामले में पैसे का कोई लेन-देन हुआ ही नहीं है तो मनी लॉन्ड्रिंग कैसे हुई? ईडी ने 2015 में केस बंद कर दिया था। केंद्र ने जांच अधिकारी को बदलकर बदले की भावना से नई टीम पर कार्रवाई का दबाव बनाया।

एजेएल की अरबों की संपत्ति पर कब्जा
ईडी का आरोप है कि इस लेन-देन में मनी लॉन्ड्रिंग हुई है और लेन-देन की इस जटिल प्रक्रिया का इस्तेमाल पार्टी और उसके नेताओं ने एजेएल की अरबों की संपत्ति को अधिग्रहीत करने के लिए किया। पूरे देश में एजेएल की 1600 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति बताई जाती है और एजेएल पर कब्जा करके यह संपत्ति भी यंग इंडियन के स्वामित्व में आ गई है।

पार्थ, अर्पिता के दो फ्लैटों, दुकान पर ईडी के छापे
बंगाल शिक्षक घोटाला मामले में गिरफ्तार पूर्व मंत्री पार्थ चटर्जी और उनकी करीबी अर्पिता मुखर्जी के कई और फ्लैट्स पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने तलाशी अभियान चलाया। सूत्रों के मुताबिक, टीम ने मंगलवार को दक्षिण कोलकाता के मादूरदह और पंडितिया रोड पर स्थित फ्लैट में छापे मारे। इसके अलावा राजा वसंत राय रोड पर एक दुकान की तलाशी भी ली।
मादूरदह स्थित एक फ्लैट से दो फाइलें और डायरी ईडी अफसरों ने कब्जे में ले ली हैं। ईडी टीम ने राजा वसंत राय रोड की एक दुकान भी खंगाली।

चेन्नई में सुराना समूह की 113 करोड़ की संपत्ति जब्त
नई दिल्ली। ईडी ने बैंक ऋण घोटाले में चेन्नई स्थित सुराना समूह की 113 करोड़ की संपत्ति जब्त कर ली। ईडी ने सुराना ग्रुप के खिलाफ मनी लॉन्ड्रिंग मामले की जांच के सिलसिले में 51 करोड़ रुपये से ज्यादा के 67 विंडमिल को भी जब्त किया है। कंपनी पर 3,986 करोड़ रुपये की कथित बैंक ऋण धोखाधड़ी का आरोप है। ईडी ने विंडमिल को अटैच करने के लिए धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) के तहत एक आदेश जारी किया है। इस घोटाले में ईडी अब तक चार लोगों को गिरफ्तार भी कर चुकी है। गिरफ्तार लोगों में सुराना इंडस्ट्रीज लि., सुराना पावर लिमिटेड और सुराना कॉर्पोरेशन लिमिटेड के प्रबंध निदेशक-प्रमोटर दिनेश चंद सुराना और विजय राज सुराना और फर्जी फर्मों के डमी निदेशक पी आनंद और आई प्रभाकरन शामिल हैं। सुराना समूह और इसके प्रमोटर्स ने छद्म निदेशकों के नाम पर कई कंपनियां बना रखी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!