झारखंड में सियासी हलचल तेज, सीएम ने लगाया संवैधानिक संस्थाओं के दुरुपयोग का इल्ज़ाम

सत्य पथिक वेबपोर्टल/रांची-झारखंड/Big Shock to CM Hemant Soren: झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को बड़ा झटका लग सकता है। विश्वस्त सूत्रों के दावे पर यकीन करें तो चुनाव आयोग ने लाभ के पद के मामले में सीएम हेमंत सोरेन की विधानसभा सदस्यता रद्द करने की सिफारिश बंद लिफाफे में राज्यपाल को भेज दी है।

झारखंड में गुरुवार को अचानक सियासी हलचल बहुत तेज हो गई है। झारखंड मुक्ति मोर्चा (जेएमएम) हाईकमान ने अपने सभी विधायकों को आज शाम तक हर हाल में रांची पहुंचने का फरमान दे दिया है। राज्यपाल रमेश बैस भी दिल्ली से रांची पहुंच गए हैं। इस बीच सीएम हेमंत सोरेन ने भी बीजेपी पर वैधानिक प्राधिकरणों और सार्वजनिक एजेंसियों का दुरुपयोग करने का आरोप लगाया है।
 
बताया जा रहा है कि चुनाव आयोग ने एक भाजपा नेता की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई पूरी करने के बाद झारखंड के राज्यपाल रमेश बैस को बंद लिफाफे में सिफारिश की है कि मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने अपने और अपने भाई के नाम खनन पट्टा जारी करवाकर चुनावी कानून का उल्लंघन किया है। लिहाजा विधायक के तौर पर उनकी सदस्यता रद्द कर उन्हें अयोग्य घोषित कर देना चाहिए। भाजपा नेता की याचिका को राज्यपाल ने ही कुछ दिन पहले विचारार्थ चुनाव आयोग के पास भेजा था। 18 अगस्त को चुनाव आयोग द्वारा इस मामले में सुनवाई पूरी भी कर ली गई थी।

सीएम बोले- बीजेपी नेताओं ने बनाई EC रिपोर्ट

उधर, सीएम हेमंत सोरेन ने कहा है कि भाजपा के एक सांसद, कुछ अन्य नेताओं और उनके कठपुतली पत्रकारों ने चुनाव आयोग EC की रिपोर्ट का मसौदा तैयार किया है। भाजपा मुख्यालय द्वारा जिस तरह राजनीतिक कारणों से संवैधानिक प्राधिकरणों और सार्वजनिक एजेंसियों का शर्मनाक तरीके से अधिग्रहण कर दुरुपयोग किया जा रहा है ऐसा भारतीय लोकतंत्र में कभी भी नहीं देखा गया है।

बीजेपी का मध्यावधि चुनाव कराने पर जोर
बीजेपी सांसद निशिकांत दुबे ने कहा कि झारखंड के सीएम हेमंत सोरेन को नैतिक आधार पर मध्यावधि चुनाव की ओर बढ़ना चाहिए। उन्होंने कहा, बीजेपी मांग करती है कि विधानसभा को भंग करके सभी 81 सीटों पर दुबारा मध्यावधि चुनाव कराए जाएं।

क्या है मामला?

दरअसल, हेमंत सोरेन पर झारखंड का सीएम रहते हुए अपने और अपने भाई के नाम खनन पट्टा जारी करवाने का गंभीर आरोप है। जब यह पट्टा हेमंत और उनके भाई को आवंटित किया गया, उस वक्त खनन मंत्रालय भी हेमंत सोरेन के पास ही था। ईडी ने हाल ही में राज्य की खनन सचिव पूजा सिंघल को भी मनी लॉन्ड्रिंग के केस में गिरफ्तार किया था। पूजा ने ही हेमंत और उनके भाई को खनन के लाइसेंस जारी किए थे।

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