बरेली के पत्रकार निर्भय सक्सेना सांसद संतोष गंगवार के मार्फत वर्ष 2012 से लगातार कर रहे थे पत्राचार, एटीएम जैसे चिप वाले वोटर कार्ड जारी कराने पर भी जोर

सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली-बरेली: Linking to Voter ID with Aadhar: भारत निर्वाचन आयोग द्वारा 1 अगस्त 2022 से वोटर आईडी कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने का देशव्यापी अभियान छेड़ दिया गया है। बरेली के पत्रकार निर्भय सक्सेना वोटर कार्ड को आधार से लिंक कराने और एटीएम जैसे चिप वाले वोटर कार्ड जारी कराने के संबंध में वर्ष 2012 से ही केंद्र सरकार एव॔ चुनाव आयोग से निरंतर पत्राचार करते रहे हैं।

पूर्व बीजेपी सांसद संतोष कुमार गंगवार ने निर्भय सक्सेना के पत्र पर वर्ष 2013 में चुनाव आयोग, केंद्र सरकार एव॔ उप्र शासन को सिफारिशी चिट्ठी भेजी थी। 2016 में केंद्रीय वस्त्र राज्य मंत्री की हैसियत से संतोष गंगवार ने चुनाव आयोग को स्मरण पत्र भेजा था। पिछले साल 2021 में भी चुनाव आयोग को पत्र भेजकर चिप वाले वोटर कार्ड बनवाने और मतदाता कार्ड को आधार से जोड़ने को लिखा था।

अनुमान है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री श्री गंगवार के पत्रों पर संज्ञान में चुनाव आयोग ने प्रस्तावित विधेयक का मसौदा बनाया होगा।लोकसभा में दिसंबर 2021 में इस विधेयक को ध्वनि मत से पारित किया गया था। चुनाव आयोग भी मानता है कि वोटर कार्ड को आधार कार्ड से जोड़ने पर एक से अधिक निर्वाचन क्षेत्रों में या एक ही निर्वाचन क्षेत्र में एक से अधिक बार एक ही व्यक्ति के पंजीकरण को रोका जा सकेगा।

इसी मक़सद से एक अगस्त 2022 से चुनाव आयोग देश भर में वोटर कार्ड को आधार से लिंक करने वाला का अभियान चला रहा है। आधार कार्ड से मतदाता कार्ड जुड़ने पर देश भर में लोकसभा, विधान सभा, जिला पंचायत, नगर निगम/नगर पालिका और ग्राम पंचायत आदि की मतदाता सूची से डुप्लीकेट मतदाताओं को चिह्नित करने में भी चुनाव आयोग को सहायता मिलेगी। साथ ही राज्यों या जिलों की मतदाता सूची में दर्ज फर्जी मतदाताओं पर भी अंकुश लग सकेगा।

वोटर कार्ड और आधार कार्ड को लिंक करने का मुख्य उद्देश्य मतदाता की पहचान करना और मतदाता सूची में डुप्लीकेसी को रोकना है। इस अभियान से वोटर कार्ड और आधार कार्ड को जोड़ने वाली पूरी प्रक्रिया को आसान बनाया जा रहा है। यह सभी लोगों के लिए बाद में अनिवार्य होगा। मतदाता अपने दोनों कार्ड को ऑनलाइन भी लिंक कर सकते हैं।

आधार और वोटर कार्ड को लिंक करने का काम ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरह से आजकल चल रहा है। मतदाता आधार केंद्र पर जाकर ऐसा करवा सकते हैं। मतदाता ऑनलाइन चुनाव आयोग की वेबसाइट और चुनावी पंजीकरण कार्यालयों में ऑनलाइन उपलब्ध आवेदन फॉर्म 6-बी भी भर सकते हैं। अब बूथ स्तर पर भी कैम्प लगाए जाने हैं। भारतीय मतदाता हेल्पलाइन ऐप और राष्ट्रीय मतदाता सेवा पोर्टल पर भी जाकर ऑनलाइन अपने कार्ड जोड़ सकते है। मतदाताओं द्वारा आधार संख्या मतदाता पंजीकरण नियम, 1980 के उप-नियम 26बी द्वारा अधिसूचित फॉर्म-6बी में दी जाएगी।

फॉर्म-6 बी ऑनलाइन उपलब्ध होगा। स्व-प्रमाणीकरण के बाद, मतदाता मतदाता पोर्टल / ऐप पर ऑनलाइन फॉर्म -6 बी भर सकता है। भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के साथ पंजीकृत मोबाइल नंबर पर प्राप्त ओटीपी का उपयोग करके मतदाता आधार को स्व-प्रमाणित कर सकता है। मतदाता स्व-प्रमाणीकरण कर आवश्यक दस्तावेज लगाए बगैर ही फॉर्म -6 बी ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। डुप्लीकेट मतदाता का नाम चिन्हित होने के बावजूद मतदाता सूची डेटाबेस से फिलहाल नहीं हटाया जाएगा क्योंकि मतदाताओं द्वारा वोटरकार्ड के साथ आधार कार्ड जमा कराना स्वैच्छिक है।

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