मिल सकती हैं दोनों को नई जिम्मेदारियां, नक़वी की उप राष्ट्रपति या राज्यपाल पद पर ताजपोशी की भी अटकलें

सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली/Naqvi & RCP Singh resign: केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी और जद यू कोटे से मंत्री आरसीपी सिंह ने बुधवार को मोदी कैबिनेट से इस्तीफा दे दिया है।

मोदी सरकार के इन दोनों मंत्रियों का राज्यसभा सदस्य का कार्यकाल कल सात जुलाई गुरुवार को खत्म हो रहा है। नक़वी अल्पसंख्यक मामलों का विभाग संभाल रहे थे जबकि आरसीपी इस्पात मंत्री थे। दोनों को अब बड़ी जिम्मेदारी मिल सकती है।

आरसीपी सिंह

नक़वी और आरसीपी ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मुलाकात करने के बाद इस्तीफा दे दिया। दोनों मंत्रियों को उनकी आखिरी कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी और अन्य सहयोगियों ने गर्मजोशी से विदाई दी। प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्री के तौर पर नकवी के योगदान की तारीफ की।

कैबिनेट बैठक में पीएम मोदी ने दोनों केंद्रीय मंत्रियों को विदाई देते हुए कहा कि दोनों ने मंत्री रहते हुए देश के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। नक़वी को इस बार बीजेपी ने राज्यसभा नहीं भेजा है। माना जा रहा है कि पार्टी उन्हें नई बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है।

मुख्तार अब्बास नक़वी

मोदी मंत्रिमंडल में 8 साल से थे मुख्तार

नकवी 2010 से 2016 तक यूपी से राज्यसभा सदस्य रहे।2016 में वे झारखंड से राज्यसभा भेजे गए। नकवी पहली बार 1998 में लोकसभा चुनाव जीतकर अटल बिहारी वाजपेयी सरकार में सूचना और प्रसारण राज्यमंत्री बनाए गए थे। उसके बाद 26 मई 2014 को मोदी सरकार में अल्पसंख्यक मामलों और संसदीय मामलों के राज्य मंत्री बने। 12 जुलाई 2016 को नजमा हेपतुल्ला के इस्तीफे के बाद उन्हें अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय का स्वतंत्र प्रभार मिला। 30 मई 2019 को मोदी कैबिनेट-2.0 में भी पुराने पोर्टफोलियो के साथ शामिल हुए।

अब उपराष्ट्रपति या राज्यपाल बनाए जाने की चर्चा
फिलहाल, इन दोनों के भविष्य को लेकर कई तरह की अटकलें लगाई जा रही हैं। नक़वी का नाम उपराष्ट्रपति से लेकर गवर्नर या एलजी पद के लिए चल रहा है. वहीं आरसीपी सिंह को भी नई जिम्मेदारी मिल सकती है। जद यू छोड़कर उनके बीजेपी में आने की भी काफी समय से चर्चा है। हालांकि एक दिन पहले ही बीजेपी साफ कह चुकी है कि आरसीपी अभी भाजपा में शामिल नहीं हुए हैं। वैसे अभी आरसीपी बीजेपी में शामिल हुए तो जेडीयू नेतृत्व को यह काफी अखर सकता है। राष्ट्रपति चुनाव से ऐन पहले भाजपा नेतृत्व शायद बिहार के मुख्यमंत्री नितीश कुमार की नाराजगी मोल लेना पसंद नहीं करेगा। हालांकि राष्ट्रपति राज्यसभा में अभी भी सात मनोनीत सदस्यों की रिक्त सीटों पर नियुक्ति कर सकते हैं। उपराष्ट्रपति चुनाव के लिए नामांकन शुरू हो चुका है। संभावना है कि एनडीए जल्दी ही अपने उम्मीदवार के नाम का ऐलान करेगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!