भाजपा मुख्यालय जाएंगे, एनएसए डोभाल से भी मिलेंगे, चीनी राष्ट्रपति के दूत से भेंट के बाद अहम है दौरा

सत्य पथिक वेबपोर्टल(एजेंसियां)/नई दिल्ली/India visit of Nepal’s Ex PM prachand: नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री और कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ नेपाल के अध्यक्ष पुष्प कमल दहल उर्फ प्रचंड आज शुक्रवार को तीन दिवसीय दौरे पर भारत पर आ रहे हैं।

भाजपा विदेश विभाग प्रमुख विजय चौथाईवाले ने बताया कि राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के निमंत्रण पर प्रचंड दिल्ली दौरे में बीजेपी हेडक्वार्टर में नड्डा समेत कई शीर्ष पार्टी नेताओं से मुलाकात करेंगे। विदेश मंत्री डाॅ. एस जयशंकर और भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल से भी मुलाकात का कार्यक्रम है। प्रमुख वक्ता की हैसियत से एक सेमिनार को भी संबोधित करेंगे।

खास बात यह है कि प्रचंड काठमांडू में दो दिन पहले ही चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग के विशेष दूत लिय जियान्चाओ से मिल चुके हैं। कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चाइना के विदेश विभाग प्रमुख समेत रहे जियान्चाओ चार दिन के नेपाल दौरे पर नेपाल पहुंचे थे। इस दौरान उन्होंने प्रचंड सहित सभी प्रमुख वामपंथी दलों के नेताओं से मुलाकात की थी। लिय जियान्चाओ ने समान विचारधारा वाले दलों को एकजुट होने का संदेश दिया था।

जिनपिंग के दूत के काठमांडू से जाते ही विदा बुधवार को प्रचंड ने दिल्ली फोन कर भारत भ्रमण की इच्छा जताई थी। बुधवार रात में भाजपा अध्यक्ष नड्डा ने इस दौरे को हरी झंडी दी थी। दिन भर की हलचल के बाद गुरुवार शाम को उनकी मुलाकात कई वीवीआईपी से तय की गई। प्रचंड ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से भेंट की भी इच्छा जताई है लेकिन अभी तक उनसे मुलाकात तय नहीं है।

राजनीतिक हलकों में इस मुलाकात के अलग-अलग मायने निकाले जा रहे हैं। नेपाल भारत का सबसे नजदीकी पड़ोसी है और दो बार प्रधानमंत्री रहे प्रचंड वहां के प्रभावशाली कम्युनिस्ट नेता हैं। वैसे तो प्रचंड के भारत के प्रमुख राजनीतिक दलों के नेताओं के साथ पहले से ही घनिष्ठ और व्यक्तिगत संबंध हैं लेकिन मौजूदा राजनीतिक हालात में उनके भारत दौरे का महत्व काफी बढ़ गया है। 

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