सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली/Share Market: शेयर बाजार में कारोबार करने वाले शुरुआती निवेशकों के लिए सबसे बड़ा आकर्षण Future and Option (F&O) का होता है। कई निवेशक F&O के जरिए कम रकम से ऊंचा मुनाफा पाने की कोशिश करते हैं और उसमें सफल भी होते हैं। हालांकि शेयर बाजार को समझने वाले जानते हैं कि एफएंडओ का फायदा तभी मिलता है जब आपको इसकी अच्छी तरह से जानकारी हो।

आइए, आपको बताते हैं कि क्या होता है Future and Option एफएंडओ और इस मार्केट में आप कदम आगे कैसे बढ़ा सकते हैं? दरअसल, फ्यूचर एंड ऑप्शन Derivative Market का हिस्सा होते हैं। डेरिवेटिव ऐसे financial investments होते हैं जिनकी वैल्यू किसी अन्य एसेट से तय होती है जैसे शेयर, कमोडिटी या इंडेक्स। डेरिवेटिव 4 तरह के होते हैं फारवर्ड, फ्यूचर , ऑप्शन और स्वैप। हालांकि अगर स्टॉक मार्केट में कारोबार की बात करें तो वहां दो तरह के ही डेरिवेटिव होते हैं जिन्हें हम फ्यूचर और ऑप्शन कहते हैं। बाकी को आप मार्केट में ट्रेड नहीं कर सकते। सीधे शब्दों में कहें तो फ्यूचर और ऑप्शन एक डेरिवेटिव होते हैं जिनको बाजार में ट्रेड कर सकते हैं।

क्या होता है फ्यूचर?

Future एक डेरिवेटिव फाइनेंशियल कॉन्ट्रैक्ट होता है, जिसमें भविष्य के लिए पहले से तय समय और कीमतों पर किसी एसेट की खरीद और बिक्री का कॉन्ट्रैक्ट किया जाता है। फ्यूचर की सबसे बड़ी खासियत कॉन्ट्रैक्ट की शर्तों को पूरा करने की बाध्यता होती है। यानि अगर आपने फ्यूचर कॉन्ट्रैक्ट किया है, तो भले ही आप फ्यूचर के खरीददार है या विक्रेता हैं, आपको तय समय और तय तारीख पर एसेट से जुड़ी खरीद या बिक्री की शर्त पूरी करनी होगी। भले ही आपको उसमें नुकसान क्यो न हो रहा हो? हालांकि आप इस कॉन्ट्रैक्ट को इस अवधि में ट्रेड कर सकते हैं, यानि किसी तीसरे को बेच सकते हैं, जिससे आप शर्त पूरी करने की बाध्यता से बच सकें। इसे ही फ्यूचर ट्रेडिंग कहते हैं।

क्या होता है ऑप्शन?

Option भी फ्यूचर की तरह ही होते हैं लेकिन फ्यूचर की तरह इसमें शर्त पूरी करने की बाध्यता नहीं होती। यानि आप चाहें तों एसेट की खरीद या बिक्री की जो भी शर्त आपने रखी हो, उससे पीछे भी हट सकते हैं। यानि इस डेरिवेटिव फाइनेंशियल कॉन्ट्रैक्ट में ऑप्शन दिया जाता है। हालांकि इस ऑप्शन की एक कीमत होती है जिसे प्रीमियम कहा जाता है। यानि अगर आप एसेट की खरीद या बिक्री की शर्त से पीछे हटते हैं तो आपको ये प्रीमियम रकम छोड़नी होगी। बाजार के निवेशक घाटे का बड़ा सौदा करने की जगह प्रीमियम छोड़ना ज्यादा बेहतर समझते हैं। इसलिए ये रणनीति छोटे नुकसान की मदद से बड़ा नुकसान बचाने में मदद करती है। ऑप्शन दो तरह के होतें हैं- कॉल ऑप्शन और पुट ऑप्शन। कॉल ऑप्शन में ऑप्शन खरीददार के पास एसेट की खरीद का ऑप्शन मिलता है, वहीं पुट ऑप्शन में ऑप्शन खरीदार के पास एसेट बेचने का ऑप्शन होता है।

क्या है फ्यूचर और ऑप्शन का फायदा?

Future & Option एक रणनीति होती है जिसमें आप पहले ही भविष्य में किए जाने वाले सौदे को तय कर सकते हैं। अधिकांश निवेशक इस रणनीति की मदद से कम पैसों से ज्यादा कमाई की उम्मीद करते हैं क्योंकि इन कॉन्ट्रैक्ट्स के लिए आपको सौदे की तिथि से पहले पूरी रकम नहीं देनी होती। ऐसे में अगर बाजार को लेकर निवेशक की सोच भविष्य के लिए सही रहती है तो वो कम पैसा लगाकर ज्यादा मुनाफा कमा सकता है। वहीं कई निवेशक इन सौदों की मदद से अपना नुकसान भी सीमित करते हैं। दरअसल बाजार की चाल समझने में निवेशकों को गलती हो सकती है, ऐसे में निवेशक एफएंडओ की मदद से नुकसान कम करने की भी कोशिश करते हैं। यानि फ्यूचर और ऑप्शन बाजार के निवेशकों के लिए एक अतिरिक्त विकल्प मुहैया कराता है जिससे एक तरफ वो सही फैसला लेकर फायदा कई गुना कर सकते हैं। वहीं, नुकसान की स्थिति में अपना घाटा कम कर सकते हैं। हालांकि इसके लिए बाजार के किसी जानकार की मदद से एफएंडओ की पूरी जानकारी जुटाना बेहद जरूरी है। 5paisa आपको बाजार के इस बेहद जटिल लेकिन बेहद फायदेमंद मार्केट की पूरी जानकारी दे सकता है।

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