बरेली/PM Matru Vandna Yojna Scam/सत्य पथिक न्यूज नेटवर्क: प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना में हजारों लाभार्थी दिखाकर करोड़ों के घोटाले की एक कड़ी खुल गई है। बिथरी चैनपुर में दो हजार अपात्रों को लाभार्थी दर्शाकर करीब सवा करोड़ रुपये का घोटाला होने के मामले की जांच के बाद स्वास्थ्य विभाग के जिला प्रशासनिक अधिकारी डा.राकेश कुमार और कोषाधिकारी नीरज पाठक ने जांच रिपोर्ट मुख्य चिकित्सा अधिकारी को सौंप दी है। तत्कालीन स्वास्थ्य केंद्र प्रभारी (एमओआइसी) डॉ.मयंक मिश्रा और डाटा इंट्री आपरेटर शिवओम को जांच में मुख्य रूप से दोषी पाया गया है। करीब तीन माह तक चली जांच के बाद इन दोनों मुख्य आरोपियों के विरुद्ध आरोप पत्र देने की सीएमओ से सिफारिश की गई है।


बीपीएम समेत कुछ अन्य कर्मियों की भूमिका भी संदिग्ध

स्वास्थ्य विभाग की ओर से पहले मामले की जांच एसीएमओ डा.आरएन गिरी ने की थी। उन्होंने बड़ी वित्तीय अनियमितता की बात अपनी जांच रिपोर्ट में दर्शाते हुए बड़े घोटाले का इशारा किया था। साथ ही विस्तृत विभागीय जांच की सिफारिश भी की थी। सीएमओ के आदेश पर शुरू हुई जांच में तत्कालीन एमओआईसी और डाटा इंट्री आपरेटर के साथ ही बीपीएम और अस्पताल के कुछ अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई है।



केंद्र प्रभारी, डाटा इंट्री आपरेटर लंबी छुट्टी पर


सवा करोड़ रुपये के इस बड़े घोटाले की जांच शुरू होने के कुछ समय बाद ही केंद्र प्रभारी डॉ. मयंक मिश्रा कोरोना संक्रमित हो गए थे। लेकिन कोरोना से उबरने के बावजूद करीब ढाई महीने से केंद्र प्रभारी छुट्टी पर ही चल रहे हैं। उनके छुट्टी पर जाने के कुछ दिन बाद डेटा एंट्री आपरेटर भी अवकाश पर चले गए और लौटे नहीं हैं।

तीन साल में हुई सवा करोड़ की गड़बड़ी

दरअसल, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना के तहत पहली बार गर्भवती महिलाओं को सुरक्षित प्रसव के लिए छह हजार रुपये मिलते हैं। वर्ष 2017 से 2020 के बीच बिथरी चैनपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के कर्ता-धर्ताओं ने क्षेत्र की दो हजार से ज्यादा महिलाओं को गर्भवती दिखाया। इनमें अधिकांश महिलाओं का दूसरा प्रसव था। वहीं, कई महिलाओं के फर्जी आवेदन पत्र भी थे। जांच के दौरान आवेदन में दर्ज पते पर उस नाम की कोई लाभार्थी मिली ही नहीं। इस तरह पिछले तीन साल में दो हजार फर्जी लाभार्थियों के सहारे करीब सवा करोड़ रुपये के घोटाले को अंजाम दिया गया।

मीरगंज,मझगवां सीएचसी तक पहुंची जांच की आंच

बिथरी चैनपुर के अलावा मीरगंज और मझगवां सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर भी करोड़ों की गड़बड़ी के आरोपों की जांच भी स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के जिम्मे है। हालांकि अभी तक इन दोनों सीएचसी पर हुए कथित घोटालों की जांच कछुआ चाल से ही रेंग रही है।  जांच निष्पक्ष ढंग से आगे बढ़ी तो इन दोनों सीएचसी के कई अफसरों-मातहतों तक देर-सवेर जांच की आंच पहुंचेगी ही।

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