सत्य पथिक वेबपोर्टल/बैंकाॅक-थाईलैंड/Dr. Jaysharkar defends the Russia fuel deal: विदेश मंत्री डाॅ. एस. जयशंकर ने कहा कि अपने देश के नागरिकों के लिए बेस्ट डील करना हर स्वतंत्र देश का पहला हक है। इसलिए रूस से कम दाम में कच्चा तेल-प्राकृतिक गैस खरीदकर हम भी वही कर रहे हैं।

विदेश मंत्री डाॅ. एस. जयशंकर भारत-थाईलैंड के बीच राजनयिक संबंधों की स्थापना के 75 वर्ष पूरे होने के मौके पर मंगलवार को बैंकॉक पहुंचे थे। उन्होंने यहां नौवीं भारत, थाईलैंड ज्वॉइन्ट कमीशन की नौवीं मीटिंग में शिरकत की।विदेश मंत्री डाॅ. जयशंकर थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक में रूस से कच्चे तेल-प्राकृतिक गैस खरीद समझौते को लेकर अमेरिका की आपत्तियों पर उसे सीधा-सधा हुआ जवाब दे रहे थे। मीडिया ने उनसे यूक्रेन पर हमले के बीच रूस से कच्चे तेल की खरीद जारी रखने की वजह से भारत, अमेरिकी संबंधों पर पड़ रहे असर पर सवाल पूछे थे।

भारतीय विदेश मंत्री ने कहा कि तेल और गैस की बढ़ी हुई कीमतों को लेकर हर देश अपने नागरिकों के हितों को ध्यान में रखते हुए बेस्ट डील करने को प्राथमिकता देता ही है। अगर भारत भी ऐसा कर रहा है तो इसमें गलत क्या है? उन्होंने कहा कि हमारे नागरिकों की प्रति व्यक्ति सालाना आय 2000 डॉलर है। ये लोग ऊंचे दाम पर पेट्रोल-डीजल, एलपीजी, सीएनजी नहीं खरीद सकते। ऐसे में उनके लिए बेस्ट डील सुनिश्चित करना मेरा नैतिक कर्तव्य है।

ज्ञात रहे कि यूक्रेन पर हमले के बाद अमेरिका और यूरोपीय देशों ने रूस पर कई तरह के आर्थिक प्रतिबंध लगाए हैं। लेकिन अमेरिका के दबाव के बावजूद भारत लगातार रूस से कम दाम पर तेल-प्राकृतिक गैस खरीद रहा है। भारतीय विदेश मंत्री ने कहा, रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से तेल और प्राकृतिक गैस की कीमतों में बेतहाशा इजाफा हुआ है। एशिया के तेल के बहुत सारे सप्लायर्स यूरोप का रुख कर रहे हैं। यूरोप इन दिनों रूस से अपेक्षाकृत कम तेल और गैस खरीद रहा है। यूरोप रूस के बजाए मिडिल ईस्ट के देशों और अन्य स्रोतों से अधिक तेल खरीद रहा है। हर देश अपने नागरिकों के हित में लिए साथ ही तेल और गैस की बढ़ी हुई कीमतों के प्रभाव को कम करने के वास्ते बेस्ट डील करने की कोशिश करेगा। हम भी वही कर रहे हैं।

विदेश मंत्री जयशकंर ने कहा, मुझे लगता है कि एक बार अगर आप ईमानदारी से चीजें स्पष्ट कर देते हैं तो लोग उसे स्वीकार भी कर लेते हैं। बेशक वे उसे सराहें नहीं। अमेरिका सहित कई देश भारत की स्थिति से वाकिफ हैं। यूक्रेन पर हमले के बीच रूस से कच्चा तेल खरीदने के भारत के फैसले को अब दुनिया ने स्वीकार भी कर लिया है। भारत ने अन्य देशों को यह एहसास करा दिया है कि उसका अपने देश के लोगों के प्रति भी कुछ दायित्व है।


विदेश मंत्री जयशंकर पहले भी कई सार्वजनिक मंचों पर रूस से कच्चा तेल खरीदने के भारत के कदम का बचाव कर चुके हैं। अप्रैल में भी अमेरिका में  2+2 मंत्रिस्तरीय वार्ता में उन्होंने यह कहकर आलोचकों की बोलती बंद कर दी थी कि एक महीने में रूस से भारत जितना तेल खरीदता है, उससे कहीं ज्यादा तेल यूरोप एक दिन में ही रूस से खरीद रहा है।

बता दें कि इस साल फरवरी में यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद से भारत की रूस से तेल खरीद रिकॉर्ड स्तर पर बढ़ी है। समाचार एजेंसी रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, सिर्फ जून महीने में ही भारत ने रूस से प्रतिदिन करीब 9.5 लाख बैरल तेल खरीदा है।

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