सत्य पथिक वेबपोर्टल/पटना/Minister Kartikey Singh resigns: कानून मंत्रालय छीनकर गन्ना उद्योग मंत्रालय दिए जाने से नाराज बिहार के मंत्री और राजद नेता कार्तिकेय सिंह ने मंत्रिमंडल से इस्तीफा दे दिया है। अपहरण के एक मामले में गिरफ्तारी वारंट जारी होने के बाद से कार्तिकेय सिंह मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की आंखों की किरकिरी बन गए थे।

कार्तिकेय सिंह

बीजेपी ने वर्ष 2014 में अपहरण में नामजद होने के बावजूद कार्तिकेय को कैबिनेट में शामिल किए जाने पर सवाल उठाए थे और उन्हें मंत्री पद से हटाए जाने की मांग की थी। भाजपा प्रदेश अध्यक्ष संजय जायसवाल ने कार्तिकेय का विभाग बदले जाने पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि यह नीतीश कुमार की नई जीरो टॉलरेंस नीति है कि फंसाते भी हम हैं और बचाते भी हम है। हम ही लालू (राजद के राष्ट्रीय अध्यक्ष), तेजस्वी, अनंत सिंह, आनंद मोहन को फंसाएंगे और जब हमारी शरण में आ जाइएगा तो हम ही बचाएंगे। उन्होंने नीतीश पर रबर स्टाम्प मुख्यमंत्री होने का आरोप लगाते हुए कहा कि वह अब लालू परिवार के आदेशपालक की भूमिका में हैं।

भाजपा नेता सुशील कुमार मोदी ने कहा कि अपहरण के केस में वारंट जारी हो चुकने के बावजूद कार्तिकेय को उसी दिन मंत्री पद की शपथ दिलाई गई जिस दिन उन्हें अदालत में पेश होना था। पूर्व उप मुख्य मंत्री सुशील मोदी ने कहा कि अभी तो नई नवेली नीतीश सरकार का पहला विकेट गिरा है। आगे-आगे देखिए होता है क्या? बिहार में महागठबंधन सरकार का बाहर से समर्थन कर रही भाकपा माले ने भी कहा था कि कार्तिकेय को मंत्री बनाए रखने से सरकार की छवि खराब होगी।
 


वर्तमान में महागठबंधन सरकार में 7 दल जदयू, राजद, कांग्रेस, भाकपा माले, भाकपा, माकपा और हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा शामिल हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published.

error: Content is protected !!