सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली/Monsoon Session: गुरुवार को राज्यसभा में प्रश्नकाल के दौरान विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय ने संसद के मानसून सत्र की कार्यवाही के बीच उनके खिलाफ सम्मन जारी किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार कांग्रेस पार्टी को डराने-धमकाने की कोशिश कर रही है। केंद्र सरकार कांग्रेस से डरी हुई है।

बता दें कि ईडी ने नेशनल हेराल्ड से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में खड़गे को भी पेश होने को कहा है। कर चोरी मामले में ईडी कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और राहुल गांधी से पहले ही पूछताछ कर चुकी है।

खड़गे ने सदन को बताया कि मुझे ईडी का सम्मन मिला। उन्होंने मुझे आज दोपहर 12.30 बजे बुलाया है। मैं कानून का पालन करना चाहता हूं, लेकिन क्या संसद सत्र के दौरान उनका मुझे सम्मन करना सही है? क्या पुलिस का सोनिया गांधी और राहुल गांधी के आवासों का घेराव करना सही है? वे हमें (कांग्रेस को) डराने के लिए जानबूझकर ऐसा कर रहे हैं लेकिन हम डरेंगे नहीं, हम लड़ेंगे।

खड़गे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राज्यसभा में सदन के नेता पीयूष गोयल ने कहा कि केंद्र का इससे कोई लेना-देना नहीं है। गोयल ने कहा कि सरकार कानून प्रवर्तन अधिकारियों के काम में हस्तक्षेप नहीं करती है। शायद उनके (यूपीए के) कार्यकाल के दौरान जब उनकी सरकार थी, वे हस्तक्षेप करते रहे थे। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि कानून प्रवर्तन एजेंसियां अपना काम कर रही हैं और उन लोगों के खिलाफ कार्रवाई कर रही हैं, जिन्होंने कुछ भी गलत किया है।

इससे पहले बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय ने कांग्रेस के स्वामित्व वाले नेशनल हेराल्ड के परिसर में यंग इंडियन का दफ्तर अस्थाई रूप से सील कर दिया था। सूत्रों के मुताबिक, सबूतों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की गई थी। केंद्रीय एजेंसी ने कहा था कि यंग इंडियन के कार्यालय को ईडी की बिना पूर्व अनुमति के खोला नहीं जा सकता। ईडी के अधिकारियों का कहना था कि छापेमारी के वक्त यंग इंडिया कार्यालय में कोई मौजूद नहीं था। ऐसे में उसकी जांच पूरी नहीं हो सकी थी। 

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