मंच पर चढ़कर गर्दन पर चाकू से किए 15 वार, हालत नाजुक, हमलावर गिरफ्तार

सत्य पथिक वेबपोर्टल/न्यूयॉर्क/attack on Salman Rushdi: विश्व प्रसिद्ध लेखक सलमान रुश्दी (Salman Rushdie) की गर्दन पर न्यूयॉर्क के बफ़ेलो के पास चौटाउक्वा में एक कार्यक्रम के दौरान चाकू से ताबड़तोड़ 15 वार किए गए। फौरन उन्हें हेलीकॉप्टर से अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। हमलावर को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।

न्यूयॉर्क की गर्वनर Kathy Hochul ने शुक्रवार देर रात बताया है कि अस्पताल में भर्ती सलमान रुश्दी अभी जिंदा हैं लेकिन उनकी हालत नाजुक बनी हुई है। हमलावर भी गिरफ्तार हो चुका है. उसकी पहचान 24 साल के Hadi Matar के रूप में हुई है।

जाने-माने लेखक सलमान रुश्दी पर जानलेवा हमला 12 अगस्त शुक्रवार की सुबह CHQ 2022 कार्यक्रम के लिए लेक्चर देने मंच पर जाते समय किया गया। न्यूयॉर्क पुलिस ने बताया कि एक संदिग्ध ने पर मंच पर पहुंचकर रुश्दी पर हमला किया। हमलावर ने सलमान रुश्दी की गर्दन पर चाकू से कम से कम 15 वार किए और घूंसे भी मारे। हमले में घायल रुश्दी स्टेज से नीचे गिर गए। उन्हें तुरंत रेस्क्यू कर हेलीकॉप्टर से अस्पताल ले जाया गया। स्टेज पर इंटरव्यू ले रहे शख्स पर भी हमलावर ने जानलेवा वार किया। उसका भी एक लोकल अस्पताल में इलाज चल रहा है और एक सर्जरी की जा रही है।न्यूयॉर्क पुलिस FBI के साथ मिलकर हमलावर से पूछताछ कर हमले के मक़सद को समझने की कोशिश में जुटी है। को जान से मारने की धमकियां तो वर्ष 1989 से ही मिलती रही हैं।

रुश्दी की किताब The Satanic Verses पर है धर्म निंदा का इल्ज़ाम

सलमान रुश्दी विश्व प्रसिद्ध लेखक हैं। साल 1981 में छपी उनकी किताब Midnight’s Children में आजादी के बाद भारत में तेजी से बदलते हालात को दर्शाया गया था। उस किताब पर रुश्दी बुकर प्राइज से सम्मानित भी हुए थे। लेकिन वर्ष 1989 में आई उनकी दूसरी किताब The Satanic Verses (शैतानी आयतें) पर धर्म निंदा के आरोप में ईरान के तत्कालीन धर्म गुरु अयातुल्ला रूहोल्लाह खुमैनी ने रुश्दी की मौत का फतवा जारी कर दिया। फतवे में रुश्दी को मारने वाले को 3 मिलियन डॉलर से अधिक का इनाम देने की बात भी कही गई थी।
हत्या के डर से रुश्दी को दस साल तक छिपकर रहना पड़ा। हालांकि 1998 में ईरान ने रुश्दी की हत्या के फतवे को समर्थन देने से हाथ खींच लिए थे लेकिन ईरान का बदला रुख भी एक समुदाय में सलमान के प्रति नफरत को कम नहीं कर सका। साल 2012 में, एक अर्ध-आधिकारिक ईरानी धार्मिक फाउंडेशन ने रुश्दी की हत्या पर इनाम को 2.8 मिलियन डॉलर से बढ़ाकर 3.3 मिलियन डॉलर कर दिया. लेकिन रुश्दी ने उन फतवों या धमकियों को ज्यादा तवज्जो नहीं दी और कार्यक्रमों में शिरकत करते रहे। लेकिन अब जब उन पर यह जानलेवा हमला हो गया है तो सवाल उठने लगे हैं।

तस्लीमा नसरीन ने जताई गहरी चिंता

बांग्लादेश मूल की निर्वासित लेखिका तस्लीमा नसरीन ने ट्वीट कर लिखा है- “सलमान रुश्दी पर हुए हमले से मैं स्तब्ध हूं। कभी नहीं लगा था कि ऐसा कोई हमला किया जा सकता है। वे पश्चिम में कई सालों से रह रहे हैं। 1989 से उनकी सुरक्षा भी की जा रही है. अगर उन पर हमला हो सकता है तो संदेश स्पष्ट है कि जो भी इस्लाम पर सवाल उठाता है, उसकी जान को भी खतरा है।”

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