हांगकांग/Leakage in Nuclear Plant/सत्य पथिक न्यूज नेटवर्क: दुनियाभर में कोरोना महामारी फैलाने के आरोपों के बाद चीन अब नए विवादों में घिर गया है। दरअसल, चीन के एक परमाणु प्लांट में खतरनाक रासायनिक रिसाव से शहर की दस लाख आबादी का जीवन संकट में फंस गया है।

हांगकांग के एक नेता ने यह सनसनीखेज दावा किया है। कहा गया है कि चीन के गुआंगदोंग प्रांत के ताइशन शहर में मौजूद परमाणु प्लांट में एक सप्ताह पहले मानव जीवन के लिए बेहद खतरनाक परमाणु रसायन का रिसाव शुरू हुआ था लेकिन चीन की सरकार ने लाखों इंसानी जिंदगियों से जुड़ी इस खतरनाक घटना को शिकायत मिलने के बाद भी दुनिया से छिपाकर रखा है। हांगकांग के इस नेता ने वहां की सरकार द्वारा चीन के परमाणु संयंत्र में रिसाव की घटना पर बेहद करीब से बराबर निगाहें गड़ाए रखने का भी दावा किया है। परमाणु संयंत्र वाले ताइशन शहर की आबादी करीब 10 लाख है।

चीन के गुआंगदोंग प्रांत के ताइशन शहर में स्थित परमाणु प्लांट हांगकांग से महज 135 किलोमीटर दूर है। हालांकि सोमवार रात तक परमाणु संयंत्र में रिसाव की वजह से हांगकांग में विकिरण फैलने की कोई सूचना नहीं है।

परमाणु संयंत्र में रिसाव से ताइशन शहर की दस लाख की आबादी पर तबाही का बड़ा खतरा मंडरा रहा है। हालांकि चीन सरकार द्वारा अभी तक परमाणु संयंत्र में रिसाव की भयावहता को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। प्लांट के आपरेटरों ने कुछ ब्योरे जरूर दिए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि एक परमाणु रिएक्टर के फ्यूल राडों से गैस लीक हो सकती है। सीएनएन की रिपोर्ट में भी परमाणु प्लांट में लीकेज होने का दावा किया गया है। ताइशन प्लांट में दिसंबर, 2018 से कॉमर्शियल आपरेशन शुरू हुए थे। इस बीच, चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता झाओ लिजियान ने कहा कि उनके परमाणु प्लांट में सुरक्षा को लेकर कोई चिंताजनक स्थिति नहीं है। विकिरण स्तर में भी कोई असामान्यता नहीं देखी गई है।

चीन के न्यूक्लियर पावर प्लांट में लीकेज का मामला उजागर होने के बाद अब एक नई बात सामने आई है। इस परमाणु संयंत्र के निर्माण में चीनी कंपनी जनरल न्यूक्लियर पावर ग्रुप (सीजीएन) की साझेदार फ्रांस की बिजली कंपनी ईडीएफ ने साफ किया कि उसे इस प्लांट में अज्ञात गैसों की जानकारी मिली थी। फ्रांस की ऊर्जा कंपनी का कहना है कि ताइशन के रिएक्टर नंबर एक से रिसाव हुआ चूंकि असामान्य गैसों की सघनता बढ़ गई थी।

इस बीच, संयुक्त राष्ट्र की परमाणु निगरानी संस्था ने कहा कि परमाणु संयंत्र में रिसाव का मामला उसके संज्ञान में है और वह चीन से आधिकारिक जानकारी लेने के लिए उसके संपर्क में है। अमेरिका ने संभावित रेडियोलाजिकल खतरे की चेतावनी भी दी थी। लीकेज के बाद कंपनी ने प्लांट पर ही डाटा की समीक्षा के लिए सीजीएन के साथ बैठक बुलाई थी। बता दें कि फ्रांस की कंपनी के आग्रह पर अमेरिका भी इस मामले की जांच कर रहा है।

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