सत्य पथिक वेबपोर्टल/मुम्बई/trials for compromise Uddhav Camp: महाराष्ट्र में फ्लोर टेस्ट के बाद भी कई सियासी, कानूनी प्रक्रियाएं बाकी हैं। हालांकि, उम्मीद है कि मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे-फड़णवीस और उद्धव ठाकरे गुटों के बीच अब सुलह-समझौता हो सकता है। खबरें मिल रही हैं कि भाजपा और शिंदे गुट अब शायद पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के साथ बचे 15 विधायकों को अयोग्य ठहराने के लिए दबाव नहीं बनाएगा। दोनों गुटों के बीच तनाव कम होने के और भी कई संकेत मिले हैं।

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट में भाजपा सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि पार्टी शांति चाहती है। नाराजगी थमने का एक संकेत सोमवार को सदन की कार्यवाही में भी देखने को मिला, जब उद्धव गुट के नेताओं ने शिंदे-फड़णवीस सरकार द्वारा विश्वास मत जीतने के बाद भी कोई हंगामा नहीं किया। शिंदे गुट की तरफ से हालांकि व्हिप के उल्लंघन पर उद्धव गुट के 14 विधायकों को अयोग्य ठहराने की चिट्ठी चीफ व्हिप भरत गोगावले द्वारा स्पीकर गौरव नार्वेकर को देकर शुरुआती दबाव जरूर बनाया गया था। भाजपा के एक नेता ने कहा, ‘आदित्य ठाकरे समेत 15 विधायकों के खिलाफ कार्रवाई की गई तो यह संदेश जा सकता है कि भाजपा शिवसेना को खत्म करने की कोशिश कर रही है। इससे दीर्घकाल में फायदा कम नुकसान ही ज्यादा होने के आसार हैं।

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