दुनिया में शीतयुद्ध खत्म कराने पर मिला नोबल प्राइज लेकिन अपने ही देश में बन गए थे ‘विलेन’

सत्य पथिक वेबपोर्टल/माॅस्को/Mikhail Gorbachev Dies: सोवियत यूनियन (USSR) के आखिरी राष्ट्रपति मिखाइल का 91 साल की आयु में निधन हो गया है। वह काफी लंबे समय से बीमार चल रहे थे। गोर्बाचेव के निधन पर रूसी राष्ट्रपति व्लादिमिर पुतिन, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत विश्व के कई नेताओं ने शोक जताया है।

USSR के आखिरी राष्ट्रपति थे गोर्बाचेव
मिखाइल गोर्बाचेव यूनाइटेड यूनियन ऑफ सोवियत सोशलिस्ट रिपब्लिक (USSR) के आखिरी नेता थे। दुनिया भर में शीत युद्ध को खत्म कराकर शांति बहाली कराने पर उन्हें नोबल शांति पुरस्कार भी मिला था। हालांकि वह अपने सोवियत संघ को बिखरने से बचा नहीं पाए थे। बाद में उन्हें तख्तापलट की कोशिश के बाद राष्ट्रपति पद से इस्तीफा देना पड़ा था।

राजनीति में हाशिये पर आ गए थे

बाद में जब रूस में चुनाव हुए तो वह फिर से अपनी किस्मत आजमाने के लिए उतरे, लेकिन सातवें स्थान पर रहे। मिखाइल गोर्बाचेव वर्तमान रूसी राष्ट्रपति पुतिन के जबर्दस्त आलोचक बन गए थे। पुतिन के साथ उनके संबंध खराब हो गए थे। 

रूस में बन गए थे ‘विलेन’

दरअसल मिखाइल गोर्बाचेव जब सोवियत संघ के राष्ट्रपति बने तो शीत युद्ध चरम पर था। पश्चिम बनाम सोवियत संघ की लड़ाई खतरनाक स्तर पर थी। हथियारों की होड़ लगी थी। मिखाइल गोर्बाचेव इसी को खत्म करने में जुट गए। अमेरिका से परमाणु समझौता कर अफगानिस्तान में लड़ाई खत्म कर दी और आर्थिक सुधारों को लागू किया। गोर्बाचेव की इन सब कोशिशों से दुनिया को तो फायदा हुआ लेकिन सोवियत संघ इसी की वजह से टूट गया। इसके बाद गोर्बाचेव रूस में ही विलेन बन गए। उन पर अमेरिका के एजेंट होने के आरोप भी लगे। रूस में कई लोग उन्हें सोवियत संघ के पतन और 1990 के दशक की शुरुआत में देश में देखे गए सामाजिक और आर्थिक संकटों के लिए जिम्मेदार मानते हैं। हालांकि उनके शांति के प्रयासों के कारण 1990 में नोबेल शांति पुरस्कार मिला।

पत्नी के बगल में दफनाया जाएगा
मिखाइल गोर्बाचेव को मॉस्को के नोवोडेविची कब्रिस्तान में उनकी पत्नी रायसा के बगल में दफनाया जाएगा। गोर्बाचेव की पत्नी की वर्ष 1999 में मृत्यु हो गई थी। 

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