लोक महत्व के मुद्दे पर जनप्रतिधियों के सुझावों की अनदेखी पर सदन, सरकार का खींचा ध्यान, दोषी अफसरों को जांच के दायरे में लाकर दंडित कराने पर जोर

सत्य पथिक वेबपोर्टल/लखनऊ-बरेली/Jan Samasya: एमएलसी स्थानीय निकाय (बरेली-मुरादाबाद क्षेत्र) कुंवर महाराज सिंह ने कृषकों की व्यापक जनसमस्या को देखते हुए बरेली जिले की बहेड़ी तहसील के बल्ली और रामपुर जिले की विलासपुर तहसील के खमरिया गांव के पास बहगुल नदी पर पक्के बांध का निर्माण अविलंब शुरू करवाने का मुद्दा नियम 111 के तहत विधान परिषद में उठाया है।

एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने प्रमुख सचिव के मार्फत विधान परिषद में पेश किए गए प्रस्ताव में पूर्व केंद्रीय मंत्री संतोष गंगवार और क्षेत्रीय विधायक डाॅ. डीसी वर्मा की निरंतर तगड़ी पैरवी पर खमरिया बांध के पुनर्निर्माण और नहरों की जल भंडारण क्षमता दोगुनी करने के वास्ते राष्ट्रीय कॄषि एवं ग्रामीण विकास बैंक (नाबार्ड) द्वारा 57 करोड़ रुपये बजट मंजूरी के वर्षों बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं कराए जाने पर गहरी नाराजगी जताते हुए योगी सरकार से देरी के कारणों की जांच कराने की मांग भी की है।

लिखित प्रस्ताव में एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने बताया है कि विलासपुर तहसील कखमरिया और बहेड़ी तहसील के बल्ली गांव के पास बहगुल नदी पर अंग्रेजों ने सन् 1905 में बल्ली रेगुलेटर नाम से पक्का बांध बनवाया था। इससे पहले सन् 1870 से 1904 तक हर साल यहां कच्चा बांध बनाया जाता था। इस बांध से बहेड़ी-मीरगंज तहसील के 70 और विलासपुर तहसील के 15 से ज्यादा गांवों के खेतों की सिंचाई के साथ ही पीने और पशुओं को नहलाने के लिए आधा दर्जन से अधिक सहायक नहरों के जरिए बारहों महीने भरपूर पानी मिलता था।

1924 में भयंकर बाढ़ में बहकर आए बड़े दरख्तों की ठोकर से बल्ली रेगुलेटर के फौलाद के मजबूत दरवाजे टूट गए थे। उसके बाद फिर हर साल कच्चा बांध बनाया जाने लगा। बांध का भरपूर पानी बल्ली और कुल्ली नहरों में पहुंचने से तीनों तहसीलों के सात दर्जन से ज्यादा गांवों में खेती-किसानी ठीक-ठाक होने की वजह से किसान खुशहाल थे और पशुपालन भी खूब होता था। लेकिन वर्ष 1990 से जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा और ग्रामीणों में जागरूकता की कमी की वजह से बल्ली गांव में कच्चा बांध बनना भी बंद हो गया।

एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने सदन को बताया कि वर्ष 1917 में पूर्व विधायक-किसान नेता जयदीप सिंह बरार की प्रेरणा से उन्हीं की अगुआई में आधा दर्जन से ज्यादा गांवों के सैकड़ों किसानों ने किसान कल्याण समिति के बैनर तले जिलाधिकारी बरेली की अनुमति से सामूहिक श्रमदान से बहगुल नदी के बल्ली-खमरिया घाट पर एक बार फिर हर साल कच्चे बांध का निर्माण शुरू करवाया।

बाढ़ के अवरोधों और भू-खनन माफियाओं के प्रबल विरोध को झेलते हुए पिछले पांच सालों से चिर युवा जयदीप बरार की देखरेख में हर साल ग्रामीणों द्वारा सरकार के समानान्तर श्रमदान से खमरिया-बल्ली पर कच्चा बांध बनवाया जाता रहा है। इस बीच सिंचाई विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त नहरों को कब्जा मुक्त करवाकर मरम्मत भी करवाई गई है।

एमएलसी कुंवर महाराज सिंह ने लोक महत्व के इस विषय पर उच्च सदन और सरकार का ध्यान आकृष्ट करते हुए जनप्रतिनिधियों के सुझावों की अनदेखी करने और नाबार्ड द्वारा पूर्व में स्वीकृत एस्टीमेट से लगभग दोगुनी यानी 57 करोड़ रुपये की रकम को मंजूरी देने के बाद भी निर्माण कार्य शुरू नहीं करवाने के कारणों की उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच कराकर दोषी अधिकारियों को दंडित कराने और सभी अड़चनें दूर कर बल्ली बांध और नहरों का पुनर्निर्माण कार्य अविलंब शुरू करवाने की पुरजोर आग्रह किया है।

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