सत्य पथिक वेबपोर्टल/बरेली/memory: “आपात्काल के बंदियों को लोकतंत्र रक्षक सेनानी का नाम मान और सम्मान देने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव के निधन से प्रदेश ही नहीं, देश भर का लोकतंत्र रक्षक सेनानी समाज आहत है।” यह कहना है वरिष्ठ पत्रकार और लोकतंत्र रक्षक सेनानी वीरेंद्र अटल का।

श्री अटल ने बताया कि 25-26 जून 1975 को देश की सत्ता पर काबिज रहने की नीयत से लोकतंत्र की हत्या कर तानाशाही कायम करने वाली पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने देश में आपात्काल लगाकर विरोधी नेताओं को जेल की सलाखों के पीछे कैद कर दिया था। वर्ष 2006 में आपात्काल बंदियों को लोकतंत्र रक्षक सेनानी का नाम मान-सम्मान देने वाले प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री श्री मुलायम सिंह यादव के निधन पर शोक श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए लोकतंत्र सेनानी और भारतीय लोकतंत्र रक्षक सेनानी समिति के प्रदेश महामंत्री वीरेंद्र कुमार अटल ने कहा कि स्वर्गीय यादव ने आपातकाल के दौरान संघर्ष करने वाले लोकतंत्र रक्षक सेनानी बंधुओं को सम्मानित करने के साथ ही मासिक पेंशन भी लागू उनके हित में यकीनन बहुत बड़ा काम किया था। बाद में कई अन्य प्रदेशों की सरकारों ने भी मुलायम सिंह का अनुसरण करते लोकतंत्र रक्षक सेनानियों को सम्मानित किया। समूचे उत्तर प्रदेश के लोकतंत्र सेनानी नेताजी के निधन से आहत हैं।

वरिष्ठ पत्रकार-समाजसेवी एवं लोकतंत्र रक्षक सेनानी वीरेंद्र अटल ने बताया कि वर्ष 2006 में तत्कालीन मुख्यमंत्री स्वर्गीय मुलायम सिंह यादव बरेली आए थे तो बरेली के कुछ लोकतंत्र सेनानियों ने मेरे (वीरेंद्र अटल) के साथ उनको मुलायम सिंह को भी सम्मानित किया था।

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