SC की फटकार के बाद आई नूपुर शर्मा की सफाई

सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली/Nupur Sharma’s clarification: एक जुलाई को सुप्रीम कोर्ट की फटकार और पूरे देश से माफी मांगने की सलाह के बाद भाजपा से निलंबित नेता नूपुर शर्मा की सफाई आई है।

पैगंबर-ए-इस्लाम पर विवादास्पद टिप्पणी कर समुदाय विशेष के निशाने पर आईं नूपुर शर्मा ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि उनके बयान को तोड़ मरोड़कर पेश किया गया। उनके खिलाफ फेक न्यूज फैलाई गईं।
नूपुर शर्मा ने अपनी सफाई में कहा, “एक टीवी डिबेट के दौरान मैंने पैगंबर मोहम्मद पर जो बयान दिया था, उसे आसमाजिक तत्वों द्वारा तोड़ मरोड़कर, एडिट करके अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर शेयर किया गया। इसके बाद मुझे और मेरे परिवार को रेप करने और गला काटने की धमकियां मिल रही हैं। इस वजह से मेरी और मेरे परिवार की जिंदगी खतरे में पड़ गई हैं। जो भी विवाद देश भर में हुआ वो मेरे बयान की वजह से नहीं, बल्कि असामाजिक तत्वों द्वारा मेरे बयान के साथ छेड़छाड़ कर वायरल करने की वजह से हुआ। इसी वजह से देश भर में मुझपर एफआईआर दर्ज की गई हैं।”
नूपुर शर्मा ने आगे कहा, “मुझे मिल रही धमकियों पर कुछ करने की बजाय मुझ पर ही अलग-अलग राज्यों में केस दर्ज किये जा रहे हैं। इस तरह की एफआईआर से मेरी आवाज को दबाने की कोशिश की जा रही है। साथ ही मुझसे संविधान द्वारा दिये गये बोलने के अधिकार को छीनने की कोशिश हो रही है।”

नूपुर शर्मा का कहना है, “मैंने अपने बयान पर माफीनामा भी जारी कर दिया था। इसमें साफ तौर पर कहा था कि मेरे बयान से कहीं किसी की भावनाएं आहत हुई हैं तो मैं अपने शब्द वापस लेती हूं। मेरी मंशा किसी की भी धार्मिक भावनाओं को आहत करने की नहीं थी।” भाजपा से निलंबित नेता ने कहा कि मेरे खिलाफ जो भी केस, धाराएं दर्ज हैं, सब गलत हैं। उन्हें अदालत को डिसमिस कर देना चाहिए।
बता दें कि इससे पहले एक जुलाई को नूपुर शर्मा ने सुप्रीम कोर्ट में एक याचिका दाखिल कर कहा था कि मुझे धमकियां मिल रही हैं, मेरी जान को खतरा है। ऐसे में मेरे खिलाफ अलग-अलग राज्यों में जो केस दर्ज हुए हैं, उन्हें दिल्ली ट्रांसफर कर दिया जाए। हालांकि सर्वोच्च न्यायालय ने उनकी याचिका खारिज कर हाईकोर्ट जाने को कहा है।

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