राज्य में सुरक्षा बलों के जवानों के नाम भी वोटर लिस्ट में होंगे शामिल, भारी तादाद में वोट बढ़ने की उम्मीद

सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली/J&K Assembly Election: जम्मू कश्मीर में इसी साल विधानसभा चुनाव कराने की तैयारियों के बीच भारत निर्वाचन आयोग ने बड़ा ऐलान किया है। पाक सीमा पर बसे इस बेहद संवेदनशील राज्य में पहली बार अरसे से रह रहे गैर कश्मीरी लोगों और सुरक्षा बलों के जवानों के नाम भी वोटर लिस्ट में शामिल कराए जाएंगे।

जम्मू कश्मीर के मुख्य निर्वाचन अधिकारी हृदेश कुमार ने कहा कि जो गैर कश्मीरी लोग राज्य में रह रहे हैं, वे अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल कराकर वोट डाल सकते हैं। इसके लिए उन्हें निवास प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। इतना ही नहीं, उन्होंने कहा कि जम्मू कश्मीर में तैनात सुरक्षाबलों के जवान भी वोटर लिस्ट में अपना नाम शामिल करा सकते हैं।

जम्मू कश्मीर के मुख्य चुनाव अधिकारी हृदेश कुमार ने बताया कि जम्मू कश्मीर में इस बार करीब 25 लाख नए वोटरों का नाम वोटर लिस्ट में शामिल होने की उम्मीद है। उन्होंने बताया कि कर्मचारी, छात्र, मजदूर और कोई भी गैर स्थानीय जो कश्मीर में रह रहा है, वह अपना नाम वोटर लिस्ट में शामिल करा सकता है। उन्होंने बताया कि वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराने के लिए स्थानीय निवास प्रमाण पत्र की जरूरत नहीं है। इसके अलावा जम्मू कश्मीर में तैनात सुरक्षाबलों के जवान भी वोटर लिस्ट में नाम शामिल कराकर वोटिंग कर सकते हैं।

बड़े पैमाने पर वोटर बढ़ने की उम्मीद

हृदेश कुमार ने बताया कि जम्मू-कश्मीर को विशेष राज्य का दर्जा देने वाले अनुच्छेद-370 के निरस्त होने के बाद पहली बार मतदाता सूची में विशेष संशोधन हो रहा है। ऐसे में उम्मीद है कि इस बार बड़े पैमाने पर बदलाव होगा। इतना ही नहीं, इस नई पहल से पिछले तीन साल में बड़ी संख्या में 18 साल या उससे अधिक उम्र के हो चुके युवाओं को भी पहली बार वोटर बनने और वोट देने का मौका मिल जाएगा।

जम्मू कश्मीर में अभी 76 लाख वोटर

उन्होंने बताया कि 15 सितंबर से वोटर लिस्ट में नाम शामिल करने की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी. यह 25 अक्टूबर तक चलेगी. हालांकि, 10 नवंबर तक दावों और आपत्तियों का निपटारा किया जाएगा. हृदेश कुमार के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में 18 साल से अधिक उम्र के करीब 98 लाख लोग हैं, जबकि अंतिम मतदाता सूची के अनुसार सूचीबद्ध मतदाताओं की कुल संख्या 76 लाख है. 

महबूबा मुफ्ती ने उठाए सवाल

पीडीपी चीफ और पूर्व सीएम महबूबा मुफ्ती ने इस मामले में केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने ट्वीट किया, जम्मू कश्मीर में चुनावों को स्थगित करने संबंधी भारत सरकार का फैसला बीजेपी को लाभ पहुंचाने के लिए था। अब गैर स्थानीय लोगों को वोट देने की अनुमति देने का फैसला चुनाव परिणामों को प्रभावित करने के लिए है। इनका असली उद्देश्य स्थानीय लोगों को शक्तिहीन करके जम्मू-कश्मीर पर शासन जारी रखना है।
 

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