ट्रस्ट की बैठक के बाद महासचिव चंपतराय ने दी जानकारी, महर्षि वाल्मीकि, विश्वामित्र, अगस्त्य के साथ शबरी, निषादराज, जटायु की प्रतिमाएं भी होंगी स्थापित

सत्य पथिक वेबपोर्टल/अयोध्या/Shri Ram Mandir: अयोध्या में श्रीराम मंदिर का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। दुनिया भर में अनोखे और भव्य इस राम मंदिर के निर्माण पर 1800 करोड़ रुपये की बड़ी धनराशि खर्च होने का अनुमान है।

श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने यह जानकारी देते हुए बताया कि जब राम मंदिर का निर्माण शुरू हुआ तो 400 करोड़ रुपये खर्चा होने का अनुमान लगाया था लेकिन 18 महीनें के बाद अब इसकी कुल लागत 1800 करोड़ के आसपास बैठ सकती है।

रविवार को श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की बैठक में सर्वसम्मति से लिए गए फैसले की जानकारी देते हुए ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने बताया कि राम जन्मभूमि परिसर में हिंदू धर्म से जुड़ी महान विभूतियों और साधु-संतों की प्रतिमाओं को भी स्थान दिया जाएगा। यहां महर्षि वाल्मीकि, महर्षि विश्वामित्र और महर्षि अगस्त्य के साथ निषादराज गुह और माता शबरी तथा भक्तराज जटायु की भी प्रतिमाएं स्थापित कराई जाएंगी। साथ ही ट्रस्ट की नियमावली को भी अंतिम रूप दिया गया। बैठक में ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास सहित 10 ट्रस्टी मौजूद थे।
इस बीच राम मंदिर की सुरक्षा का जिम्मा सीआईएसएफ को दिया जा सकता है। केन्द्रीय बल के आला अफसरों की फैजाबाद जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठकें भी हो चुकी हैं। श्रीराम मंदिर के गर्भगृह का निर्माण दिसंबर 2023 तक पूरा होने की उम्मीद है। मंदिर निर्माण की प्रगति आख्या प्रधानमंत्री कार्यालय को भी नियमित रूप से भेजी जा रही है। राम मंदिर के गर्भ गृह की आधारशिला इस साल जून में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रखी थी। इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 5 अगस्त 2020 को राम मंदिर निर्माण की आधारशिला रख चुके हैं। उसी समय से श्री राम मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है।

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