भारत पड़ोसी श्रीलंका को अब तक भेज चुका है साढ़े तीन अरब डॉलर की मदद, यूएन ने विश्व समुदाय से की मदद की अपील

सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्‍ली (एजेंसी)/external affair: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रानिल विक्रमसिंघे को चिट्ठी भेजकर श्रीलंका का राष्‍ट्रपति चुने जाने पर बधाई दी है। साथ ही खस्ताहाल आर्थिक स्थिति से देश को बाहर निकालने के लिए हरसंभव मदद देते रहने का भरोसा भी दिलाया है।

बता दें कि भारत ने अब तक पड़ोसी देश श्रीलंका को अरबों डालर की आर्थिक मदद और जरूरत की दूसरी चीजें भी भेजी हैं। कुछ दिनों पहले ही लाखों टन उर्वरक भेजा था। पीएम मोदी ने अपने पत्र में उम्‍मीद जताई है कि रानिल विक्रमसिंघे श्रीलंका के लोगों की उम्‍मीदों पर खरा उतरेंगे और उनकी कोशिशों से देश की आर्थिक हालत में सुधार आएगा।

अपने पत्र में पीएम मोदी ने राष्ट्रपति रानिल के साथ मिलकर श्रीलंका का विकास करने और इसमें पूरा सहयोग देने की भी बात कही है। मोदी ने कहा कि दोनों देशों के बीच वर्षों से अच्‍छे संबंध रहे हैं। आगे भी इन्हें बरकरार रखा जाएगा। श्रीलंका स्थित भारतीय दूतावास ने मोदी की चिट्ठी को लेकर एक ट्वीट भी किया है।

बता दें कि भारत ने आजादी के बाद से सबसे बड़े आर्थिक संकट का सामना कर रहे श्रीलंका को मानवीय आधार पर अब तक साढ़े तीन अरब डालर की आर्थिक मदद मुहैया करवाई है। डेढ़ बिलियन डाॅलर की तीन क्रेडिट लाइन मुहैया करवाई हैं और दो अरब डालर का फोरेक्‍स सपोर्ट किया है। दवाओं से लेकर खाने-पीने की जरूरी चीजें भी भेजी हैं। पेट्रोल-डीजल तक मुहैया करवाया है।

संयुक्‍त राष्‍ट्र ने विश्व समुदाय से की मदद की अपील

उधर, संयुक्‍त राष्‍ट्र (यूएन) ने भी श्रीलंका की आर्थिक हालत को देखते उसकी तरफ मदद के हाथ बढ़ाने की विश्व समुदाय से मार्मिक अपील की है। संयुक्त राष्ट्र ने आगाह किया है कि यहां के 57 लाख लोगों को तत्‍काल मानवीय सहायता की जरूरत है। सरकार के पास इतना पैसा नहीं है कि वो अपने ऊपर चढ़े विदेशी कर्ज या उसके ब्‍याज को भी उतार सके।  

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