सत्य पथिक वेबपोर्टल/पटना/PM Modi on the target of terrorists: आतंकियों के निशाने (target) पर 12 जुलाई को बिहार दौरे पर आए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ही थे। पकड़े गए दोनों संदिग्ध आतंकियों के सनसनीखेज खुलासे से सब सन्न हैं। आतंकी हमले को अंजाम देने के लिए पीएम के दौरे से 15 दिन पहले से ये दोनों फुलवारी शरीफ में कम उम्र के मुस्लिम लड़कों को भड़काकर उन्हें आतंकी ट्रेनिंग भी दे रहे थे।

गिरफ्तार किए गए दोनों कथित आतंकवादियों में से एक झारखंड पुलिस का रिटायर्ड दरोगा मोहम्मद जलालुद्दीन और दूसरा पटना के गांधी मैदान में हुए बम धमाके के आरोपी मंजर का सगा भाई अतहर परवेज है।

पुलिस के मुताबिक, दोनों संदिग्ध आतंकवादियों के तार पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) और सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया (SDPI) से जुड़े हैं। पुलिस ने इन दोनों के पास से पीएफआई का झंडा, बुकलेट, पंपलेट और कई संदिग्ध दस्तावेज भी बरामद किए हैं। इन दस्तावेजों में वर्ष 2047 तक भारत को इस्लामिक मुल्क बनाने के इरादे का विस्तार से जिक्र है।

पुलिस ने बताया है कि यह दोनों संदिग्ध आतंकवादी पिछले कुछ समय से पटना के फुलवारी शरीफ इलाके में आतंक की पाठशाला चला रहे थे। पुलिस के मुताबिक, अतहर परवेज मार्शल आर्ट और शारीरिक शिक्षा देने के नाम पर मोहम्मद जलालुद्दीन का एनजीओ चला रहा था। जानकारी के मुताबिक अतहर ने ₹16000 मासिक किराए पर मोहम्मद जलालुद्दीन के फुलवारी शरीफ स्थित अहमद पैलेस, नया टोला इलाके में फ्लैट लिया था जहां से वह देश विरोधी मुहिम चला रहा था।

मुस्लिम लड़कों को दे रहे थे आतंकी ट्रेनिंग
पुलिस का दावा है कि अतहर परवेज और मोहम्मद जलालुद्दीन एनजीओ के नाम पर आतंक की फैक्ट्री चला रहे थे। इनका खास मक़सद हिंदुओं के खिलाफ कम उम्र के मुस्लिम लड़कों को भड़काना था। साथ ही अत्याधुनिक अस्त्र-शस्त्र चलाने की ट्रेनिंग भी दे रहे थे। राष्ट्रीय, राज्य और जिला स्तर पर सक्रिय पीएफआई, एसडीपीआई के सक्रिय सदस्यों के साथ बैठकें करते थे। साथ ही जेलों में बंद सिमी के पुराने सदस्यों की जमानत करवाकर उन्हें भी आतंकी ट्रेनिंग देते थे।
 
मुस्लिम युवाओं को आत॔की ट्रेनिंग दी, भड़काया

पुलिस ने बताया कि 6 और 7 जुलाई को अतहर परवेज ने किराए पर लिए गए ऑफिस में कई युवाओं को मार्शल आर्ट और शारीरिक शिक्षा देने के नाम पर बुलाया और अस्त्र-शस्त्र की ट्रेनिंग देकर धार्मिक उन्माद फैलाने के लिए भड़काया। आइबी को इस बाबत जानकारी मिली कि पटना के फुलवारी शरीफ इलाके में एक संभावित आतंकी मॉड्यूल संचालित हो रहा है जिसके बाद 11 जुलाई को नया टोला इलाके में पुलिस और केंद्रीय एजेंसियों ने छापेमारी की और दोनों संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया।
 

पाक समेत कई देशों से होती थी terror funding:

ज्यादातर युवा केरल, पश्चिम बंगाल, उत्तर प्रदेश, तमिलनाडु और अन्य कई राज्यों से यहां आतंक की ट्रेनिंग लेने के लिए आया करते थे. पुलिस ने खुलासा किया है कि इन दोनों संदिग्ध आतंकवादियों को पाकिस्तान, बांग्लादेश और तुर्की समेत कई इस्लामिक देशों से पैसे की फंडिंग हुआ करती थी ताकि यह देश में रहकर देश विरोधी मुहिम चला सकें।

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