सत्य पथिक वेबपोर्टल/मुंबई/Presidential Election: राष्ट्रपति चुनाव से दो दिन पहले शनिवार को वंचित बहुजन आघाड़ी के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रकाश आंबेडकर ने विपक्ष के उम्मीदवार यशवंत सिन्हा से दौड़ से हटने का आग्रह किया और कहा कि अधिकांश राजनीतिक दलों और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति के सभी सदस्यों ने एनडीए उम्मीदवार द्रौपदी मुर्मू को ही अपना समर्थन दिया है। इसलिए यशवंत सिन्हा के चुनाव में बने रहने का कोई औचित्य नहीं है।

आंबेडकर ने ट्वीट किया, “यशवंत सिन्हा से राष्ट्रपति पद की दौड़ से हटने का अनुरोध! क्योंकि विभिन्न पार्टियों के अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति के सदस्य मैडम द्रौपदी मुर्मू के पक्ष में मतदान करने के लिए शामिल हो रहे हैं।” विशेष रूप से विभिन्न दलों ने कांग्रेस की सहयोगी शिवसेना, समाजवादी पार्टी के सहयोगी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (एसबीएसपी), और राजद के सहयोगी झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) सहित एनडीए उम्मीदवार को ही अपना समर्थन दिया है, अखिलेश यादव के चाचा शिवपाल सिंह यादव ने भी मुर्मू का समर्थन किया है। वाईएसआर कांग्रेस पार्टी, बीजू जनता दल (बीजद) और शिरोमणि अकाली दल पहले ही मुर्मू को अपना समर्थन दे चुके हैं।”

बताते चलें कि द्रौपदी मुर्मू झारखंड की पूर्व राज्यपाल और ओडिशा की पूर्व मंत्री हैं। निर्वाचित होने पर वह भारत की पहली आदिवासी राष्ट्रपति और देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति होंगी। ओडिशा के पिछड़े जिले मयूरभंज गांव में एक गरीब आदिवासी परिवार में जन्मी मुर्मू ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद अपनी पढ़ाई पूरी की। उन्होंने श्री अरबिंदो इंटीग्रल एजुकेशन सेंटर, रायरंगपुर में अध्यापन कार्य भी किया। राष्ट्रपति चुनाव के लिए मतदान सोमवार को होगा और मतगणना गुरुवार को होगी।

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