सत्य पथिक वेबपोर्टल/कोलंबो/Ranil Wikramsinghe won Presidential Election:
रानिल विक्रमसिंघे श्रीलंका के नए राष्ट्रपति बन गए हैं। संसद में कड़े सुरक्षा घेरे के बीच चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई। 225 सदस्यों के सदन में बहुमत के लिए उन्हें 113 सांसदों के समर्थन की दरकार थी लेकिन उन्हें 134 सांसदों के वोट हासिल हुए। उनके खिलाफ उम्मीदवार बनाए गए सत्तासीन दल के सांसद दुल्लास अलाहाप्पेरुमा 82 सांसदों का ही समर्थन जुटा पाए।  44 वर्ष में पहली बार श्रीलंकाई संसद ने प्रत्यक्ष मतदान से अपना नया राष्ट्रपति चुना है। विक्रमसिंघे अभी श्रीलंका के कार्यवाहक राष्ट्रपति का पद संभाल रहे हैं। नए राष्ट्रपति के चुनाव के दौरान पूर्व प्रधानमंत्री महिंदा राजपक्षे भी मौजूद थे।

संसद से बाहर ही रखवा दिए सांसदों के फोन

सभी पार्टियों ने अपने सांसदों को फरमान जारी किया था कि अपने वोट की तस्वीरें क्लिक करें। इसके बाद स्पीकर ने सांसदों को संसद में फोन नहीं लाने के आदेश जारी कर दिए। का कहना है कि चुनाव के दौरान आज किसी भी सांसद को मोबाइल फोन सदन में लाने की इजाजत नहीं होगी. कल, पार्टी के कुछ नेताओं ने कथित तौर पर अपने सांसदों से गुप्त मतदान में क्रॉस-वोटिंग की जांच के लिए अपने मतपत्रों की तस्वीरें लेने के लिए कहा था. 

TNA का अल्हाप्परुमा तो CWC का विक्रमसिंघे को समर्थन
TNA के जाफना जिले के सांसद सुमनथिरन ने कहा था कि राष्ट्रपति चुनाव में TNA दुल्लास अल्हाप्परुमा के लिए मतदान करेगी। वहीं सीडब्ल्यूसी सांसद जीवन थोंडामन ने कहा है कि सीलोन वर्कर्स कांग्रेस ने बहुत विचार-विमर्श के बाद आज चुनाव में रानिल विक्रमसिंघे का समर्थन करने का फैसला किया है। वहीं, श्रीलंकाई सांसद अनुरा कुमारा दिसानायके ने अंतरिम सरकार बनाने और राष्ट्रपति चुने जाने पर छह महीने के भीतर चुनाव कराने के लिए कहा है।

विक्रमसिंघे के खिलाफ जनता का मौन प्रदर्शन
बुधवार को राष्ट्रपति चुनाव के लिए संसद में वोटिंग हो रही थी, वहीं, कोलंबो के राष्ट्रपति सचिवालय में कार्यवाहक राष्ट्रपति रानिल विक्रमसिंघे के खिलाफ जनता का मौन विरोध प्रदर्शन भी चलता रहा।

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