अपनी best seller किताब Dynamic DM की खूबियां भी गिनाईं

सत्य पथिक वेबपोर्टल/बरेली/Rural Development: वरिष्ठ आईएएस अधिकारी डाॅ. हीरालाल ने अन्नदाता किसान को परंपरागत खेती की अंतहीन-अंधी दौड़ से फौरन पिंड छुड़ा लेने और एग्री बिजनेस (कृषि व्यवसाय) को अपनाकर आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने और अपने गाँव को पूर्ण विकसित आदर्श गाँव Modern Village में तब्दील करने का बड़ा सपना दिखाया और संकल्प भी दिलाया। दावा किया कि ज्यादा से ज्यादा लोगों से निरंतर संपर्क (Connect), संवाद (Communicate) और सहयोग (Co-Operate) के 3C महामंत्र के बलबूते इस असंभव से लक्ष्य को भी आसानी से हासिल किया जा सकता है।

डा. हीरालाल आज रविवार को बरेली में सामाजिक संस्था जन सहयोग (JS) के बुलावे पर मुख्य अतिथि की हैसियत से अपने प्रशासनिक अनुभवों को एक विचार गोष्ठी में शहर और ग्रामीण क्षेत्र से आए प्रबुद्ध वर्ग के लोगों के बीच साझा करते हुए उनका उद्बोधन कर रहे थे। वे सामाजिक संस्था जन सहयोग के बुलावे पर लखनऊ से बरेली पहुंचे थे। उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में डीएम के अपने कार्यकाल में वहां के कई गांवों को ग्रामवासियों के सामूहिक और निरंतर सहयोग की शक्ति से माॅडल गाॅव बनाकर दिखा चुके वरिष्ठ आईएएस हीरालाल अपनी बेस्ट सेलर पुस्तक  Dynamic DM लिखकर भी काफी प्रसिद्धि और पाठक संख्या बटोर चुके हैं। उन्होंने गोष्ठी में अपनी इस किताब की खूबियां बताईं और प्रमोशन भी किया। बता दें कि उनकी यह पापुलर किताब काहिरा (मिस्र) में अंतरराष्ट्रीय साहित्यिक समारोह में भी काफी प्रसिद्धि बटोर चुकी है। किताब में डाॅ. हीरालाल ने ब्यूरोक्रेट्स को ग्राम्य विकास की सीढ़ी पर चढ़कर किसानों-ग्रामवासियों के दिल जीतने और स्टूडेंट्स को आईएएस बनने का बड़ा सपना खुली आंखों से देखने और उसे सच कर दिखाने के  sure shot tips भी कहानी कहने की दिलचस्प शैली में बताए हैं।

चर्चा और संवाद की शैली में मुख्य अतिथि हीरालाल ने लगभग पौन घंटे का अपना दिलचस्प उद्बोधन दिया और बार-बार तालियां-वाहवाही बटोरते रहे। गोष्ठी में शामिल बुद्धिजीवियों ने डाॅ. हीरालाल से माॅडल गाॅव और आर्थिक आत्म निर्भरता को लेकर सवाल भी किए जिनके डाॅ. हीरालाल ने प्रभावी जवाब देकर सबको संतुष्ट कर दिया। नवयुवकों को छोटी नौकरियों के पीछे भागने के बजाय एग्री बिजनेस और आर्थिक आत्म निर्भरता के दूसरे फंडे अपनाने के लिए प्रेरित-प्रोत्साहित भी किया।

उदाहरण देकर समझाया कि बाराबंकी के आठवीं फेल बुजुर्ग प्रगतिशील किसान रामसरन वर्मा ने वैज्ञानिक-जैविक खेती में कामयाबी के झंडे गाड़कर देश-विदेश के कई बड़े अवार्ड अपने नाम कर लिए हैं। अब प्रदेश के मुख्य मंत्री योगी आदित्यनाथ तक को कहना पड़ रहा है कि मैं चाहता हूं कि यूपी के हर जिले में एक रामसरन वर्मा जरूर पैदा हो जाए। अन्ना हजारे के पूर्ण विकसित गांव रालेगण सिद्धि का उदाहरण देकर भी समझाया कि अन्ना हजारे गांव के प्रधान भले ही नहीं बन सके, लेकिन प्रधानमंत्री तक को झुकाने की कुव्वत जरूर रखते हैं। कहा-किसी की बुराई मत करो। पद, धन, प्रचार, ओछी राजनीति के चक्कर मे उलझे बगैर अपने गांव को माॅडल गाॅव बनाने के मिशन में भेदभाव भूलकर सब जुट जाओ। जल्दी ही जादुई नतीजे देखने को मिलेंगे।

डॉ. हीरा लाल ने बताया कि उनकी Dynamic DM पुस्तक सभी आयु वर्ग के लोगों विशेषतः विद्यार्थियों, नौजवानों और प्रशासनिक सेवा में जाने की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अत्यंत उपयोगी है।

इससे पहले गोष्ठी में सुधीर गंगवार, सी. एल. गंगवार, डाॅ. बाबूराम गंगवार, हरीश गंगवार, डॉ. राजेंद्र प्रसाद गंगवार, मुनीश गंगवार, अश्विनी पटेल, जगदीश नारायण गंगवार, सुरेंद्र वीर सिंह, नरेंद्र प्रताप गंगवार, रवींद्र गंगवार, राखी गंगवार, प्रीति गंगवार आदि मंचासीन अतिथियों और कई अन्य वक्ताओं ने भी उपयोगी विचार रखे। कुल 122 प्रबुद्ध लोगों ने सक्रिय सहभाग किया। शिक्षक-समाजसेवी राहुल यदुवंशी ने सफल संचालन किया।

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