आत॔ंकी घटनाएं भी चार हजार से सालाना से घटकर सिर्फ 721 रह गईं

सत्य पथिक वेबपोर्टल/राजौरी/Amit Shah in Rajouri: जम्मू-कश्मीर के तीन दिवसीय दाैरे पर निकले गृहमंत्री अमित शाह का दूसरे दिन मंगलवार को राजौरी पहुंचने पर जोरदार स्वागत हुआ। ‘भारत माता की जय’ के नारों के बीच राजौरी में विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए गृहमंत्री अमित शाह ने अनुच्छेद 370 का समर्थन करने वालों को आड़े हाथ लिया।

शाह ने कहा कि आज की रैली अनुच्छेद 370 का समर्थन करने वालों को करारा जवाब है। इस मौके पर गृहमंत्री ने पहाड़ी क्षेत्र के लोगों की सराहना करते हुए कहा कि जब-जब भी भारत पर कोई खतरा आया; मेरे पहाड़ी भाई व गुज्जर, बकरवाल चट्टान की तरह खड़े रहे। राजौरी-पुंछ के इन लोगों की वीरता को भारतीय सेना और पूरा देश सलाम करता है।

शाह ने कहा कि आपने भारत की सुरक्षा का अभेद्य द्वार बनाया है जिससे पूरा देश सुरक्षित सोता है। उन्होंने इस मौके पर महाराजा हरि सिंह की जयंती पर छुट्टी घोषित करने पर उप राज्यपाल मनोज सिन्हा को बधाई दी और वीर बंदा बहादुर को भी याद किया। शाह ने इस मौके पर कहा कि जम्मू कश्मीर में सिर्फ तीन परिवारों ने कई दशक तक राज किया और इस बीच गुज्जर, बकरवालों को उनके बुनियादी अधिकार नहीं दिए। इन सत्ताधारी हुक्मरानों ने लोकतंत्र के नाम पर सिर्फ अपने परिवारों का ही ध्यान रखा। पंचायतों में भी किसी को प्रतिनिधित्व नहीं दिया।

जनसभा में भारी तादाद में आए लोगों को देखकर गद्गद गृह मंत्री शाह ने कहा कि अगर जम्मू-कश्मीर से धारा 370 हटती नहीं तो अनुसूचित जनजाति को आरक्षण नहीं मिलता। प्रधानमंत्री माेदी ने सबसे पहले जम्मू कश्मीर में पंचायत चुनाव करवाए और जो पहले तीन परिवारों के पास था, वह अब तीस हजार जनप्रतिनिधियों को मिल चुका है। धारा 370 हटने के बाद अब गुज्जर बकरवालों के साथ पहाड़ियों को भी एसटी आरक्षण के लाभ मिलने वाले हैं। आतंकी वारदातों में भी काफी कमी आई है। कश्मीर में पत्थरबाजी बंद हो चुकी है और सुरक्षाबलों के कर्मियो के बलिदान की घटनाओं में भी काफी कमी आई है।

चुनाव के लिए परिसीमन को बताया जरूरी

शाह ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव के लिए परिसीमन आवश्यक था। परिसीमन के कारण ही पहाड़ी क्षेत्रों की सीटों में बढ़ोतरी हुई। राजौरी, पुंछ, डोडा, किश्तवाड़ में विधानसभा सीटें बढ़ गईं। गृहमंत्री ने कहा कि जम्मू कश्मीर में सबसे ज्यादा राेजगार पर्यटन से ही आता है। इस वर्ष अब तक 62 लाख पर्यटक जम्मू कश्मीर में आ चुके हैं। आजादी के 75 साल में इससे पहले कभी भी इतने पर्यटक यहां नहीं आए थे। अब श्रीनगर से अंतररराष्ट्रीय विमान सेवाओं की उड़ानें भी चल रही हैं। विमानों की रात्रि सेवा भी वहां से शुरू हो चुकी है। आतंकी वारदातों का ग्राफ भी चार हजार से घटकर 721 पर आ चुका है। ऐसा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की आतंक के खिलाफ रणनीति से ही संभव हो पाया है।

आजादी के 72 साल में हुआ था सिर्फ 15 हजार करोड़ का निवेश

अमित शाह ने अपने संबोधन में दावा किया कि देश की आजादी से लेकर वर्ष 2019 तक जम्मू कश्मीर में 15 हजार करोड़ का औद्योगिक निवेश आया था जबकि वर्ष 2019 से अब तक 56 हजार करोड़ का निवेश आ चुका है। यह मोदी जी की औद्योगिक नीति का ही कमाल है। इसके अलावा अब तक दो लाख लोगों को घर दिए गए हैं। पांच लाख घरों तक स्वच्छ जल पहुंचाया गया है।

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