सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली/SC denies Uddhav fraction’s petition: एकनाथ शिंदे सहित 16 विधायकों को उनकी अयोग्यता की कार्यवाही तय होने तक विधानसभा से निलंबित करने की मांग संबंधी उद्धव ठाकरे खेमे की नई याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने तत्काल सुनवाई से इन्कार कर दिया है।

शिवसेना के मुख्य सचेतक सुनील प्रभु ने एक जुलाई शुक्रवार को सुप्रीम कोर्ट में अर्जी दाखिल कर सीएम शिंदे और उनके समर्थक 15 विधायकों को कल सदन में घुसने से रोकने की मांग की। याचिका में कहा गया है कि जब तक इन विधायकों को डिप्टी स्पीकर द्वारा दिए गए अयोग्यता के नोटिस पर फैसला नहीं हो जाता, तब तक इन्हें विधानसभा में प्रवेश करने और बहुमत परीक्षण कराने से भी रोक दिया जाना चाहिए। शिंदे को तब तक से भी रोका जाना चाहिए। महाराष्ट्र विधानसभा का विशेष सत्र 2 व 3 जुलाई को होना है। सुप्रीम कोर्ट ने नई अर्जी पर तत्काल सुनवाई से इन्कार कर दिया है। इसलिए शिंदे और उनके समर्थक विधायकों को फिलहाल बड़ी राहत मिल गई है। 

शिवसेना की ओर से वरिष्ठ वकील कपिल सिब्बल सुप्रीम कोर्ट में पेश हुए और याचिका पेश की। हालांकि  सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 11 जुलाई को सुनवाई की डेट पहले ही दी जा चुकी है। पूर्व के फैसले में फेरबदल की कोई जरूरत नहीं है।

डिप्टी स्पीकर द्वारा दिए गए अयोग्यता के नोटिस को शिंदे के नेतृत्व वाले बागी गुट ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी है। इस पर कोर्ट ने संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर 11 जुलाई को आगे की सुनवाई तय की है।विधायकों की अयोग्यता पर अभी कोई फैसला नहीं आया है, इसलिए उनकी विधायकी बरकरार है। 

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