सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली/Maharashtra Crisis:  महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के पुत्र लोकसभा सदस्य श्रीकांत शिंदे ने मंगलवार को शिवसेना संसदीय दल में फूट की चर्चा के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मुलाकात की। इससे पहले मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने पार्टी के 12 सांसदों से मुलाकात की थी। एकनाथ शिंदे भी शिवसेना सुप्रीमो उद्धव ठाकरे खेमे द्वारा दायर 16 विधायकों के खिलाफ अयोग्यता याचिका पर कानूनी रणनीति बनाने के लिए राष्ट्रीय राजधानी में हैं।

कल्याण से लोकसभा सदस्य श्रीकांत शिंदे और हिंगोली से लोकसभा सदस्य हेमंत पाटिल की ओम बिरला के साथ बैठक शिवसेना नेता विनायक राउत द्वारा स्पीकर को पत्र देने के एक दिन बाद हुई, जिसमें उनसे प्रतिद्वंद्वी गुट के किसी भी प्रतिनिधित्व पर विचार नहीं करने के लिए कहा गया था। यह तत्काल स्पष्ट नहीं है कि शिंदे और पाटिल ने स्पीकर को कोई आवेदन दिया है, या नहीं।

शिवसेना के कम से कम 12 लोकसभा सदस्य शिंदे गुट के संपर्क में बताए जा रहे हैं। श्रीकांत शिंदे विनायक राउत की जगह राहुल शेवाले को शिवसेना संसदीय दल का नया नेता नियुक्त कराने की नैयारी में भी हैं। उधर, राउत सोमवार रात स्पीकर को दिए पत्र में कह चुके हैं कि वह शिवसेना संसदीय दल के ‘विधिवत नियुक्त’ नेता और राजन विचारे मुख्य सचेतक हैं।

महाराष्ट्र पुलिस और केंद्र सरकार ने इन सांसदों को मुंबई में इनके घरों, कार्यालयों में Y श्रेणी की अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान की है। उधर, शिवसेना के राज्यसभा सांसद संजय राउत ने परोक्ष रूप से एकनाथ शिंदे के गुट को ‘सांप’ करार दिया है। सांसद राउत ने मंगलवार सुबह शायराना अंदाज में ट्वीट किया-“फन को कुचलने का हुनर भी सीखो। सांपों के डर से जंगल मत छोड़ो…जय महाराष्ट्र!”

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