सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली/Ashvini Vaishnav to BSNL staff: केंद्रीय संचार मंत्री अश्विनी वैष्णव ने इसी हफ्ते क्रोनिक रूप से बीमार कम्पनी बीएसएनएल को ताकत देने के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपए का पैकेज घोषित किया है। केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी की तर्ज पर वैष्णव ने भी भारी घाटे में चल रही इस टेलीकॉम ऑपरेटर कंपनी के 62 हजार अधिकारियों और कर्मचारियों की फौज को एक मीटिंग में खरी-खरी सुनाते हुए साफ कह दिया है कि रिजल्ट दिखाओ या कंपनी का पिंड छोड़कर स्वैच्छिक रिटायरमेंट ले लो।

वैष्णव की अध्यक्षता में हुई बीएसएनएल अधिकारियों की बैठक का एक ऑडियो लीक हो गया है, जिसमें वैष्णव अफसरों-मातहतों की जवावदेही तय करने या वीआरएस लेकर घर बैठने की बात कहते सुनाई दे रहे हैं।

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री अश्विनी वैष्णव के तेवर अपनी ही केबिनेट के मंत्री नितिन गडकरी जैसे दिख रहे हैं। उन्होंने BSNL अधिकारियों के साथ बैठक में दो टूक कह दिया कि करो या मरो लेकिन अब गैर जिम्मेदार-लापरवाह अमले का बोझ ज्यादा दिन ढोया नहीं जा सकेगा।

केंद्रीय दूरसंचार मंत्री वैष्णव ने क्रोनिक रूप से बीमार कम्पनी बीएसएनएल को ताकत देने के लिए 1.64 लाख करोड़ रुपए का पैकेज घोषित किया है। घाटे में चल रही बीएसएनएल के साथ ही भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड के अधिकारियों से भी मीटिंग में उन्होंने साफ शब्दों में कह दिया है कि अब हर महीने कंपनी की प्रगति का ऑडिट होगा। जहां से सही रिपोर्ट नहीं आएगी उनकी जवाबदेही तय होगी। जो काम नहीं कर सकते वो स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (वीआरएस) लेकर आराम से घर बैठ सकते हैं। अगर वो ऐसा नहीं करेंगे तो रेलवे की तरह ही उन सबका भी जबरन रिटायरमेंट किया जाएगा।

सरकार ने अपना काम किया, अब बारी आपकी

वैष्णव ने कहा कि इतना बड़ा पैकेज देकर सरकार ने वही किया जितना वो कर सकती थी। बीमार कंपनी को खड़ा करने के लिए दुनिया में किसी भी देश की सरकार ने इतना बड़ा जोखिम नहीं लिया है जितना बड़ा जोखिम 1 लाख 64 हजार करोड़ रुपए का पैकेज देकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने लिया है। अब बारी आपकी है जी जान लगाकर काम करने और बेहतरीन नतीजे देने की ताकि विभाग को राजस्व मिले और जनता को भरपूर सुविधाएं। हिदायत दी कि अब इसमें कोई कोताही सरकार बर्दाश्त नहीं करेगी। हमें अगले दो साल में पाॅजिटिव नतीजे चाहिए।
यहां बताते चलें कि बीएसएनएल और बीबीएनएल के विलय के साथ ही इस नए वेंचर को बीएसएनएल के 6 लाख 83 हजार किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) के अतिरिक्त बीबीएनएल के पांच लाख 68 हजार किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) की डबल मजबूती मिल गई है। भूमिगत ओएफसी देश के एक लाख 45 हजार गांवों में सरकार की डिजिटल इंडिया नीति के तहत बिछाई भी जा चुकी है। मंत्री ने कहा कि नए संस्थान को सिर्फ सेवाओं का विस्तार करना है। आपको शहर-गांवों में प्रतिस्पर्धी कंपनियों से मुकाबला करते हुए उपभोक्ताओं को बेहतर सुविधाएं और सेवाओं में विस्तार देकर अपनी श्रेष्ठता सिद्ध करनी होगी। वरना तो हमें भी आपकी सेवा में रुकावट के लिए खेद ही जताना पड़ेगा।

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