सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली/Rajasthan Crisis: राजस्थान संकट को लेकर अब खुद अंतरिम अध्यक्ष सोनिया गांधी एक्टिव मोड में आ गई हैं। उन्होंने दोनों पर्यवेक्षकों से लिखित रिपोर्ट मांगी है। संकट के समाधान के लिए गहलोत के करीबी कमलनाथ को भी दिल्ली तलब किया है। कमलनाथ गहलोत से बात कर सकते हैं।

अजय माकन और मल्लिकार्जुन खड़गे की सोनिया गांधी से 10 जनपथ में भेंट हुई। दोनों पर्यवेक्षकों ने राजस्थान के ताजा घटनाक्रम की पूरी रिपोर्ट सोनिया गांधी को सौंपी। सोनिया गांधी से मुलाकात के बाद 10 जनपथ से बाहर आए अजय माकन ने बताया कि राजस्थान में विधायक दल की बैठक अशोक गहलोत के कहने पर ही बुलाई गई थी।

माकन ने कहा कि हमें विधायकों से बात कर सोनिया गांधी को रिपोर्ट देनी थी। विधायकों की तरफ से शर्तें रखी गईं जिसका हमने विरोध किया। अजय माकन ने कहा कि गहलोत कांग्रेस अध्यक्ष का चुनाव लड़ने जा रहे हैं। अगर वे अध्यक्ष निर्वाचित हो जाते हैं तो इसके बाद सारे फैसले वे खुद लेंगे। माकन ने जोर देकर कहा कि ये गहलोत का ‘कॉन्फ्लिक्ट ऑफ इंट्रेस्ट’ नहीं है तो क्या है?

अजय माकन ने कहा कि कोई प्रस्ताव अगर पास किया जाता है तो उस पर शर्तें नहीं थोपी जाती हैं। कांग्रेस में यह परंपरा नहीं है। माकन ने साफ कहा कि विधायकों की तरफ से तीन शर्तें रखी गई थीं। पहली, नए मुख्यमंत्री को लेकर फैसला 19 अक्टूबर के बाद हो। दूसरी शर्त थी कि विधायकों से ग्रुप में ही बात की जाए, एक-एक विधायक से बात नहीं की जाए और यह बात किसी दूसरे ने नहीं, बल्कि खुद अशोक गहलोत ने कही थी। माकन ने बताया कि विधायकों की तीसरी शर्त थी कि राजस्थान का अगला मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के खेमे से ही हो। बकौल माकन, हमने सोनिया गांधी को पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे दी है। सोनिया गांधी ने विस्तार से लिखित में रिपोर्ट देने के लिए कहा है। हम आज रात से कल सुबह तक लिखित रिपोर्ट भी सोनिया जी को सौंप देंगे।

कमलनाथ गहलोत से कर सकते हैं बात
इधर, हाईकमान ने एमपी के पूर्व सीएम कमलनाथ को भी दिल्ली बुलाया है। उन्हें गहलोत का करीबी माना जाता है। कमलनाथ राजस्थानतत संकट के समाधान के लिए गहलोत और हाईकमान के बीच मध्यस्थता कर सकते हैं।

जयपुर में एक्टिव हैं गहलोत समर्थक
वहीं, जयपुर में भी सियासी हलचल तेज है। गहलोत समर्थक एक्टिव हैं। विधायक गोपाल मीणा, रफीक खान, रोहित वोहरा, चेतन डुडे ने भी शांति धारीवाल के आवास पहुंचकर उनसे मुलाकात की। शांति धालीवाल ने कहा है कि विधायक हमारे पास आ रहे हैं और इस्तीफा मंजूर करने का दबाव बना रहे हैं।

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