सत्य पथिक वेबपोर्टल/नई दिल्ली/NCW to DGP against SP Supremo: राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission For Women) ने बीजेपी (BJP) की निलंबित सदस्य नूपुर शर्मा (Nupur Sharma) के खिलाफ समाजवादी पार्टी (Samajwadi Party) के चीफ अखिलेश यादव (Akhilesh Yadav) के ट्वीट को आपत्तिजनक और ‘उकसाने वाला’ करार दिया है। साथ ही उत्तर प्रदेश के डीजीपी को चिट्ठी भेजकर तीन दिन के भीतर कड़ी वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित कराने का आग्रह भी किया है।

बता दें कि भाजपा की निलंबित प्रवक्ता नूपुर शर्मा को पैगंबर हज़रत मोहम्मद साहब के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी पर सुप्रीम कोर्ट (Supreme Court) ने फटकार लगाई थी। इस पर सपा अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने प्रतिक्रिया देते हुए कथित विवादित ट्वीट किया था। उनके इसी ट्वीट पर राष्ट्रीय महिला आयोग NCW की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने गहरी नाराजगी जताते हुए उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक को चिट्ठी लिखी है।

अखिलेश यादव का विवादित ट्वीट

बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने पिछले हफ्ते कहा था कि ‘नूपुर शर्मा ‘और उनकी अनियंत्रित जुबान ने पूरे देश को आग में झोंक दिया है’ और उन्हें माफी मांगनी चाहिए।’ अखिलेश यादव ने सुप्रीम कोर्ट की इसी टिप्पणी की खबर को शेयर करते हुए ट्वीट किया, ‘सिर्फ मुख को नहीं, शरीर को भी माफी मांगनी चाहिए और देश में अशांति और सौहार्द बिगाड़ने की सजा भी मिलनी चाहिए।’
राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission For Women) की अध्यक्ष रेखा शर्मा ने उत्तर प्रदेश के डीजीपी डी. एस. चौहान को पत्र लिखकर कहा है कि अखिलेश यादव का यह ट्वीट ‘सरासर उकसाने वाला’ है।’ रेखा शर्मा ने कहा, ‘राष्ट्रीय महिला आयोग ने पाया कि अखिलेश यादव का यह ट्वीट वाद कोर्ट में पहले से ही विचाराधीन होने के चलते पूरी तरह ‘अवांछित’ है। साथ ही नूपुर शर्मा के खिलाफ नफरत-द्वेष की भावना और दो धार्मिक समूहों के बीच सांप्रदायिक वैमनस्य को भड़काने वाला है, जो बेहद निंदनीय है।’

NCW अध्यक्ष ने कहा, ‘मामले की गंभीरता को देखते हुए आपको (डीजीपी को) अखिलेश यादव के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए।’ NCB अध्यक्ष रेखा शर्मा ने कहा, ‘नुपुर शर्मा को पहले से ही जान से मारने की धमकियां मिल रही हैं। ऐसे में अखिलेश का ट्वीट आम जनता को नूपुर शर्मा के खिलाफ हमले के लिए उकसाता है। मामले की जांच की जानी चाहिए।’ उन्होंने डीजीपी से इस मामले में तीन दिन के भीतर विधिक कार्यवाही सुनिश्चित कराने की अपेक्षा की है।

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