सत्य पथिक वेबपोर्टल/श्रीनगर/Fraction in Gupkar Alliance: जम्मू कश्मीर विधानसभा चुनाव से पहले गुपकार अलायंस में फूट पड़ गई है। राज्य में अनुच्छेद 370 की बहाली को लेकर गठित गुपकार अलायंस ने जिला विकास परिषद का चुनाव साथ मिलकर लड़ा था लेकिन अब नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने इस केंद्र शासित प्रदेश में होने वाला विधानसभा चुनाव अकेले लड़ने का ऐलान कर दिया है।

तीन साल पहले अनुच्छेद 370 हटाने के साथ ही केंद्र सरकार ने जम्मू- कश्मीर का पूर्ण राज्य का दर्जा समाप्त कर इसे केंद्र शासित प्रदेश का दर्जा दे दिया था लेकिन अव विधानसभा चुनाव की सुगबुगाहट तेज हो गई है। विधानसभा क्षेत्रों के परिसीमन का कार्य पूरा होने के बाद अब प्रदेश में चुनाव कराने को लेकर निर्वाचन आयोग आयोग भी एक्टिव मोड में है। राजनीतिक दलों ने भी नफा-नुकसान का आकलन करते हुए नए समीकरणों के मद्देनजर दूसरी पार्टियों से गठबंधन को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। इस बीच बुधवार को पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. फारूक अब्दुल्ला ने ऐलान किया है कि उनकी पार्टी नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) राज्य की सभी 90 सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) के इस ऐलान के साथ ही राज्य के पांच दलों के गुपकार अलायंस का भंग होना तय हो गया है। नेशनल कॉन्फ्रेंस गुपकार एलायंस का प्रमुख घटक दल है।

गौरतलब है कि गुपकार समूह ने जिला विकास परिषद का चुनाव साथ लड़ा था। उस वक्त सज्जाद गनी लोन की पार्टी पीपुल्स कॉन्फ्रेंस भी गुपकार समूह का हिस्सा थी। माना जा रहा था कि गुपकार समूह विधानसभा चुनाव भी साथ मिलकर ही लड़ेगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष डॉक्टर फारूक अब्दुल्ला ने खुद भी कहा था कि गुपकार समूह साथ मिलकर जम्मू कश्मीर का विधानसभा चुनाव लड़ेगा। नेशनल कॉन्फ्रेंस के अलावा पीडीपी की ओर से भी इसी तरह का बयान आया था। हालांकि, अब नेशनल कॉन्फ्रेंस (एनसी) ने अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान कर दिया है तो गुपकार गठबंधन का कोई औचित्य ही नहीं रह गया है।

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