नई दिल्ली/politics/सत्य पथिक न्यूज नेटवर्क: यूपी में सत्तारूढ़ भाजपा में और सत्ता परिवर्तन की अटकलों पर बड़े नेताओं ने विराम लगा दिया है। प्रधानमंत्री, गृह मंत्री और पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा के साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की बैठकें आपसी मतभेद दूर करने के लिए नहीं, बल्कि यूपी से जुड़े बड़े मुद्दों की समीक्षा के लिए हो रही हैं।

पार्टी के वरिष्ठ नेताओं ने यह भी बताया कि इन बैठकों से योगी के विरोध में उठने वाली आवाजों के खिलाफ भी एक सख्त संदेश है। बीजेपी के एक वरिष्ठ नेता ने कहा, ”इन बैठकों का उद्देश्य आगामी चुनाव में जीत के लिए रणनीति बनाने के साथ ही राज्य नेतृत्व को यह संदेश देना भी है कि अगले विधानसभा चुनाव में योगी ही चेहरा होंगे।”

पिछले दो दिनों में योगी की पीएम मोदी, भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा, गृहमंत्री अमित शाह के साथ दिल्ली में बैठकें हुई हैं। सूत्रों ने कहा कि बैठकों का उद्देश्य योगी में विश्वास को दर्शाना है। सूत्रों ने यह भी बताया कि इन चर्चाओं के केंद्र में केंद्र की योजनाओं के अनुपालन और राजनीतिक व जातिगत समीकरण भी रहे हैं। साथ ही आगामी विधानसभा चुनाव के लिए रोडमैप को भी अंतिम रूप दिया गया है। पार्टी नेताओं ने बताया कि पीएम और सीएम के बीच मुलाकात के दौरान विधानसभा चुनाव से पहले राज्य में केंद्रीय योजनाओं के लाभार्थियों की संख्या बढ़ाने पर चर्चा हुई। सूत्रों ने यह भी बताया कि बैठकों में योगी ने कोरोना महामारी के दौरान उनकी सरकार के किए गए कामों के बारे में भी जानकारी दी।

यूपी में अगले साल 2022 में विधानसभा का चुनाव होने जा रहा है। स्थानीय चुनावों में पार्टी के खराब प्रदर्शन के बाद 2024 के लोकसभा चुनाव से पहले बीजेपी की बड़ी परीक्षा होने जा रही है। यूपी में विधानसभा की 403 सीटें हैं तो लोकसभा में यहां से 80 सांसद चुनकर पहुंचते हैं। कहा जाता है कि दिल्ली का रास्ता यूपी से होकर ही गुजरता है।

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