सत्य पथिक वेबपोर्टल/बर्मिंघम-इंग्लैंड/India in CWG:22वें राष्ट्रमंडल खेलों में गुरुवार को सातवें दिन पैरा पाॅवरलिफ्टिंग में भारत को ऐतिहासिक-स्वर्णिम सफलता मिली। देर रात हुई पैरा पाॅवरलिफ्टिंग स्पर्धा में भारत के लिए
सुधीर ने पुरुषों के हेवीवेट कैटेगरी में 134.5 पॉइंट्स के साथ कॉमनवेल्थ गेम्स का रिकॉर्ड बनाते हुए ऐतिहासिक गोल्ड मेडल जीता।

सुधीर कॉमनवेल्थ गेम्स में पैरा पावरलिफ्टिंग का गोल्ड जीतने वाले पहले भारतीय भी बन गए हैं। 87 किलो के सुधीर ने अपने पहले प्रयास में ही 208 किलो वजन उठाकर 132 पॉइंट्स के साथ पहला स्थान हासिल कर लिया था। हालांकि नाइजीरियाई पावरलिफ्टर ने अपने दूसरे प्रयास से सुधीर को दूसरे स्थान पर धकेल दिया था।

सेल्फ कांफिडेंस से पाया नाइजीरियाई चुनौती से पार
भारतीय एथलीट सुधीर ने इसके बावजूद अपना आत्मविश्वास बरकरार रखा और दूसरे प्रयास में 212 किग्रा वजन उठाकर आखिरकार कामयाबी का आसमान छू ही लिया। सुधीर ने रिकॉर्ड 134.5 अंक हासिल किए। नाइजीरिया के इकेचुकवु क्रिस्टियन उबिचुकवु अपने अंतिम प्रयास में 203 किलो का वजन उठाने में नाकाम रहे। इस तरह सुधीर का गोल्ड मेडल पक्का हो गया। सुधीर भी हालांकि अपने अंतिम प्रयास में 217 किग्रा वजन उठाने में नाकाम रहे, लेकिन इससे नतीजे पर कोई असर नहीं पड़ा और भारत के लिए कुल छठा गोल्ड मेडल जीत ही लिया।
नाइजीरियाई उबिचुकवु ने 133.6 अंक के साथ सिल्वर जबकि स्कॉटलैंड के मिकी यूले ने 130.9 अंक के साथ ब्रॉन्ज मेडल जीता। उबिचुकवु ने 197 किग्रा जबकि यूले ने 192 किग्रा वजन उठाया।

अन्य मुकाबलों में पैरा पाॅवरलिफ्टर्स ने किया निराश
हालांकि, गुरुवार से ही शुरू हुए पैरा पावरलिफ्टिंग के अन्य इवेंट्स में भारत को सफलता हासिल नहीं हुई। मनप्रीत कौर और सकीना खातून महिला लाइटवेट फाइनल में क्रमश: चौथे और पांचवें स्थान पर रहते हुए पदक से चूक गईं, जबकि पुरुष लाइटवेट फाइनल में परमजीत कुमार तीनों प्रयासों में विफल रहने के बाद अंतिम स्थान पर रहे।

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