पांच साल से बरेली में जमी हैं, रिश्वतखोरी का वीडियो वायरल हुआ, जांच में दोषी भी साबित हुईं लेकिन टस से मस नहीं कर पाया कोई

सत्य पथिक वेबपोर्टल/बरेली/Corruption in Bareilly Homgaurds: बरेली जिला कमांडेंट होमगार्ड्स प्रीति शर्मा पिछले काफी समय से भ्रष्टाचार और रिश्वतखोरी के गंभीर आरोपों में घिरी हुई हैं। आरोप यह भी है कि अपने रसूख और ऊपर तक पहुंच की बदौलत वह अपने खिलाफ कार्रवाई को भी दबाए हुए हैं।

बरेली के ग्राम सिमरा बोरीपुर निवासी होमगार्ड और होमगार्ड्स यूनियन के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह पुत्र भद्रपाल सिंह ने 7 सितंबर 2022 को उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य को शिकायतीपत्र भेजकर जिला कमांडेंट प्रीति शर्मा के कथित भ्रष्टाचार का भांडा फोड़ा था। लेकिन, बताते हैं कि अपनी पहुंच और रसूख का गलत इस्तेमाल करते हुए प्रीति ने अपने विरुद्ध जांच के लिए अधिकारी भी अपने मनमाफिक ही तय करवा लिया है जबकि शिकायतकर्ता जिलाध्यक्ष होमगार्ड्स यूनियन बरेली अर्जुन सिंह ने मजिस्ट्रेट से न्यायिक जांच कराने का आग्रह किया था। जांच अधिकारी डिवीजनल कमांडेंट ने कथित तौर पर जांच दबा रखी है और आरोपित अधिकारी जिला कमांडेंट प्रीति के विरुद्ध जानबूझकर कोई जांच रिपोर्ट भेजकर विभागीय कार्रवाई की सिफारिश नहीं कर रहे हैं जो भ्रष्ट कार्यशैली का सूचक है।

होमगार्ड्स यूनियन के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह का आरोप है कि जिला कमांडेंट प्रीति अपने रसूख और ऊंची पहुंच की बदौलत पिछले पांच साल से बरेली जिले में ही जमी हुई हैं जबकि नियमानुसार कोई अधिकारी अधिकतम तीन साल तक ही एक जिले में तैनात रह सकता है। जिला कमांडेंट प्रीति अपने ट्रांसफर की फाइल को हर बार अपने और अपने पति के शासन-प्रशासन में अच्छे संबंधों के बल पर कथित तौर पर दबवा देती रही हैं।

अर्जुन सिंह का आरोप है कि जिला कमांडेंट प्रीति संवेदनशील स्थलों पर ड्यूटी लगवाने और कटवाने के एवज में प्रति होमगार्ड दो हजार रुपये तक सुविधा शुल्क पिछले काफी समय से वसूलती रही हैं। वाणिज्यिक संस्थानों और प्रशासनिक कार्यालयों में भी होमगार्डों की ड्यूटी नियम-कायदों को ताख पर रखकर अपने अनुचित लाभ के लिए अपने कोटे से लगवाती और कटवाती हैं।

बताते हैं कि लगातार शिकायतों पर शासन के आदेश पर बरेली के तत्कालीन एडीएम सिटी ने कुछ समय पूर्व जिला कमांडेंट प्रीति के विरुद्ध जांच की थी और उन्हें गंभीर भ्रष्टाचार और कदाचार का दोषी भी ठहराया था लेकिन ऊंचे रसूख का इस्तेमाल करते हुए जांच रिपोर्ट दबवा दी गई।

होमगार्ड्स यूनियन के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने डिप्टी सीएम को भेजे शिकायतीपत्र में दावा ठोंका है कि जिला कमांडेंट का दो कंपनी इंचार्जों से मनमाफिक ड्यूटी लगवाने-कटवाने के एवज में सुविधा शुल्क वसूलने का वीडियो भी कुछ समय पहले वायरल हो चुका है। यह मामला कई दिनों तक स्थानीय अखबारों की सुर्खियों में भी रहा था।

आरोप यह भी है कि आजादी के अमृत महोत्सव के नाम पर प्रदेश के होमगार्ड्स मंत्री धर्मवीर प्रजापति के कथित आदेश का हवाला देते हुए जिला कमांडेंट प्रीति ने कंपनी कमांडरों के मार्फत होमगार्डों से 100-100 रुपये की अवैध वसूली की थी। लेकिन जांच में दोषी साबित होने के बाद भी जांच रिपोर्ट को दबा दिया गया और न्याय हित में निष्पक्ष-पारदर्शी कार्रवाई नहीं होने दी गई।
शिकायतकर्ता अर्जुन सिंह का आरोप है कि कार्रवाई को प्रभावहीन करने के मकसद से उन्हें जानबूझकर डिवीजनल कमांडेंट कार्यालय से 5 दिसंबर को जारी वह शासकीय पत्र रिसीव ही नहीं कराया गया है, जिसमें उनका पक्ष लेने की बात कही गई है। होमगार्ड यूनियन के जिलाध्यक्ष अर्जुन सिंह ने डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य से न्याय हित में व्यक्तिगत रुचि लेकर कथित तौर पर भ्रष्टाचार में लिप्त जिला कमांडेंट प्रीति के विरुद्ध निष्पक्ष विभागीय जांच सुनिश्चित कराकर कड़ी विभागीय कार्रवाई के दायरे में लाने और तत्काल प्रभाव से उनका स्थानांतरण कराने की पुरजोर मांग की है।

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