सत्य पथिक वेबपोर्टल/नोएडा-लखनऊ/Culpits identified of Corruotion’s Twin Tower: भ्रष्टाचार की मीनार नोएडा के ट्विन टॉवर्स को आखिरकार विस्फोटकों से उड़ाकर जमींदोज़ कर दिया गया है। भ्रष्टाचार करके इस इमारत को खड़ा करने वाले गुनाहगारों के खिलाफ अब योगी सरकार जल्द एक्शन लेने की तैयारी में है।

यह दावा है उत्तर प्रदेश के अतिरिक्त मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी का। उनका कहना है कि सभी आरोपियों की पहचान कर ली गई है और अब बहुत जल्द इन सभी के विरुद्ध कड़ी विभागीय/ वैधानिक दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित कराई जाएगी।

अपर मुख्य सचिव गृह श्री अवस्थी ने लखनऊ में मीडिया को बताया कि सुप्रीम कोर्ट के सख्त आदेश पर ट्विन टावर्स को गिराया गया है। इससे एक बार फिर साबित हो गया है कि कानून की मार से बड़े से बड़ा रसूखदार भी बच नहीं सकता। ये कार्रवाई उत्तर प्रदेश में अवैध गतिविधियों में लिप्त लोगों के लिए बहुत स्पष्ट और सख्त संदेश है।

सीएम योगी ने कराई थी जांच

नियमों को ताक पर रखकर बनाई गई इस गगनचुम्बी इमारत के निर्माण में गहन जांच के दौरान नोएडा विकास प्राधिकरण के कर्मचारियों और सुपरटेक बिल्डर्स की मिलीभगत साबित हो चुकी है। सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने डेढ़ दशक पुराने इस मामले की गहनता से जांच कराई थी। सीएम योगी के आदेश पर सितम्बर 2021 में चार सदस्यों की एक समिति गठित की गई। जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर इस मामले में संलिप्त 26 अधिकारियों/कर्मचारियों, सुपरटैक लिमिटेड के निदेशक एवं उनके वास्तुविदों के विरुद्ध कार्रवाई की गई है। अक्टूबर 2021 में प्राधिकरण के संलिप्त अधिकारियों और सुपरटेक लिमिटेड के निदेशक, आर्किटेक्ट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई। नोएडा जिला अदालत में मुकदमा भी दायर कराया गया है।

ये हैं Twin Towers के गुनाहगार!
नोएडा ट्विन टॉवर्स के भ्रष्टाचार में इन अधिकारियों की संलिप्तता पाई गई है-
मोहिंदर सिंह /CEO नोएडा (रिटायर्ड)
एस.के.द्विवेदी /CEO,नोएडा (रिटायर्ड)
आर.पी.अरोड़ा/अपर CEO,नोएडा (रिटायर्ड)
यशपाल सिंह/विशेष कार्याधिकारी (रिटायर्ड)
स्व. मैराजुद्दीन/प्लानिंग असिस्टेंट (रिटायर्ड)
ऋतुराज व्यास/ सहयुक्त नगर नियोजक(वर्तमान में यमुना प्राधिकरण में प्रभारी महाप्रबंधक)
एस.के.मिश्रा /नगर नियोजक (रिटायर्ड)
राजपाल कौशिक/वरिष्ठ नगर नियोजक (रिटायर्ड)
त्रिभुवन सिंह/मुख्य वास्तुविद नियोजक (रिटायर्ड)
शैलेंद्र कैरे/उपमहाप्रबन्धक,ग्रुप हाउसिंग (रिटायर्ड)
बाबूराम/परियोजना अभियंता (रिटायर्ड)
टी.एन.पटेल/प्लानिंग असिस्टेंट (सेवानिवृत्त)
वी.ए.देवपुजारी/मुख्य वास्तुविद नियोजक (सेवानिवृत्त)
श्रीमती अनीता/प्लानिंग असिस्टेंट (वर्तमान में उ.प्र.राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण)
एन.के. कपूर /एसोसिएट आर्किटेक्ट (सेवानिवृत्त)
मुकेश गोयल/नियोजन सहायक (वर्तमान में प्रबंधक नियोजक के पद पर गीडा में कार्यरत)
प्रवीण श्रीवास्तव/सहायक वास्तुविद (सेवानिवृत्त)
ज्ञानचंद/विधि अधिकारी (सेवानिवृत्त)
राजेश कुमार /विधि सलाहकार (सेवानिवृत्त)
स्व. डी.पी. भारद्वाज/प्लानिंग असिस्टेंट
श्रीमती विमला सिंह/ सहयुक्त नगर नियोजक
विपिन गौड़/महाप्रबंधक (सेवानिवृत्त)
एम.सी.त्यागी/परियोजना अभियंता (सेवानिवृत्त)
के.के.पांडेय/ मुख्य परियोजना अभियंता
पी.एन.बाथम/ अपर मुख्य कार्यपालक अधिकारी
ए.सी सिंह/वित्त नियंत्रक (सेवानिवृत्त)
सुपरटेक लिमिटेड से जुड़े अधिकारी-
आर.के.अरोड़ा-निदेशक
संगीता अरोड़ा-निदेशक
अनिल शर्मा-निदेशक
विकास कंसल-निदेशक
परियोजना से जुडे आर्किटेक्ट्स- 
दीपक मेहता एंड एसोसिएट्स आर्किटेक्ट के दीपक मेहता और मोडार्क आर्किटेक्ट्स के नवदीप कुमार को भी इस मामले में आरोपी बनाया गया है।

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