सत्य पथिक वेबपोर्टल/रांची-झारखंड/Jharkhand Politics: पहले बीजेपी के ‘ऑपरेशन लोटस’ का खुलासा होने और अब ‘लाभ का पद’ से जुड़े मामले में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले की तलवार लटकने से झारखंड में इन दिनों सियासी हलचल तेज है। कांग्रेस हाईकमान ने स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए अपने विधायकों से अगले कुछ दिनों तक रांची और आसपास इलाके में ही रहने को कहा है।

स्थिति को अनियंत्रित होने से रोकने के मक़सद से झारखंड में सत्तारूढ़  गठबंधन के विधायकों की अहम बैठक 20 अगस्त को मुख्यमंत्री आवास पर बुलाई गई है। सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के खिलाफ खनन लीज और लाभ के पद से जुड़े मामलों में सुनवाई पूरी हो चुकी है। फैसला कभी भी सुनाया जा सकता है। 

दरअसल एक आरटीआई एक्टिविस्ट शिव शर्मा ने दो PIL दायर कर CBI और ED से खनन घोटाले की जांच कराने की मांग की थी। आरोप है कि सीएम हेमंत ने अपने पद का दुरुपयोग कर स्टोन क्यूएरी माइंस अपने नाम आवंटित करवा लीं। इस तरह शैल कंपनी में इन्वेस्ट कर सोरेन परिवार द्वारा अकूत संपत्ति अर्जित की गई है।

इस मामले में सुप्रीम कोर्ट और चुनाव आयोग में जनप्रतिनिधि अधिनियम-1951 की धारा 9A के तहत लाभ के पद से जुड़े नियमों के उल्लंघन को लेकर सुनवाई पूरी हो चुकी है और फैसला सुरक्षित रख लिया गया है। इसीलिए राज्य में सियासी हलचल अचानक बढ़ गई है।

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