सत्य पथिक वेबपोर्टल/बरेली/tragic accident: उत्पाती बंदर ने चार माह के दुधमुंहे को पिता की गोद से छीन लिया और तिमंजिला मकान की छत से नीचे फेंक दिया। दुखद हादसे में बच्चे की दर्दनाक मौत हो गई। सात साल के लंबे इंतजार के बाद इस द॔पती को दूसरे बेटे की किलकारियां सुनने का सुख नसीब हुआ था।

दिल तोड़ देने वाली यह घटना थाना शाही के दुनका गांव की है। बताते हैं कि दुनका के किसान निर्देश उपाध्याय गर्मी ज्यादा होने और बिजली नहीं आने पर शनिवार रात अपने 4 महीने के बच्चे को लेकर अपने तिमंजिले मकान की छत पर टहलने गए थे। तभी अचानक उनकी छत पर बन्दरों का झुंड आ गया और कई बंदर निर्देश के ऊपर झपट पड़े। निर्देश ने बंदरों से बचने के लिए आवाज़ लगाई लेकिन आवाज सुनकर जब तक घर के लोग दौड़कर मदद को छत पर पहुंचे, एक बंदर उनके हाथों से बच्चे को छीनकर भाग गया और देखते ही देखते उनके सामने ही बच्चे को तीन मंजिला इमारत की छत से नीचे फेंक दिया। काफी ऊंचाई से गिरते ही बच्चे की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई। बंदरों के हमले में निर्देश खुद भी घायल हो गए हैं।

7 साल बाद पैदा हुआ था दूसरा बेटा

बता दें कि निर्देश उपाध्याय के घर में दूसरे बेटे ने 7 साल बाद जन्म लिया था। नामकरण की तैयारियां भी धूमधाम से चल रही थीं लेकिन मनहूस हादसे की वजह से सारी खुशियां भारी मातम में बदल गई हैं। बेचारी मां का रो-रोकर बुरा हाल है।

पहले भी हमला कर चुके हैं बंदर

मासूम बच्चे की मौत के बाद दुनका के लोग बंदरों के आतंक से दहशत में हैं। कुछ समय पहले भी इसी गांव में एक महिला पर बंदरों और कुत्तों ने हमला कर दिया था, जिससे महिला की पैर की हड्डी फैक्चर हो गई थी। बंदरों के आतंक से लोगों का गांव में रहना दुश्वार हो गया है। उन्होंने एसडीएम से वन विभाग के जरिए बंदरों को पकड़वाकर दूर संरक्षित क्षेत्र में छुड़वाने की मांग की है।

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